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    घरों के मुंडेरों-छतों से गुम हो गया स्वर्णिम दूरदर्शन का एंटीना

    "रविवार तो आ जाता है, पर रामायण,महाभारत,चंद्रकांता,अलिफ लैला,विक्रम बैताल,सिंहासन बतीसी,रजनी,देखो मगर प्यार से,हम पांच,रंगोली नहीं आता,बुधवार-शुक्रवार तो आ जाता है लेकिन चित्रहार नहीं आता है।सप्ताह तो बीत जाता है,पर वो 'बुनियाद' नहीं रहा अब, कहां वो अब रविवार होता है,साथ जब पूरा परिवार होता है.......?"