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    राजगीरः गबन-घोटाले में नपे मुखियाजी अब बीवियों के सहारे आजमा रहे हैं किस्मत !

    "पंचायत चुनाव में लोकतंत्र की कुर्सी पर काबिज होने के लिए रिस्क तो उठाना ही पड़ता है। एक बार फिर से मुखिया जी बन गए तो फिर से चांदी हीं चांदी...