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    Wednesday, July 24, 2024
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      नगरनौसा थाना हाजत में दलित जदयू नेता के हत्यारोपी दारोगा की मौत को नहीं मिला सम्मान !

      बर्खास्त होने की सूचना भी परिजनों को नहीं दी गयी। मौत के बाद भी विभाग की तरफ से समय पर जानकारी नहीं दी गयी। नालंदा पुलिस लाइन में कार्यरत एक पुलिस के जवान ने ही उनकी मौत की सूचना फोन पर दी। इसके बाद परिजन बिहारशरीफ पहुंचे...

      नालंदा दर्पण (तालीब)। पूरे बिहार सूबे में कुचर्चित नगरनौसा थाना में एक स्थानीय दलित समुदाय के दलित नेता की हाजत में पीट-पीट कर हत्या किए जाने के मामले के आरोपी दारोगा तेज नारायण यादव की मौत ब्रेन हैमरेज से हो गई। इन्हें कुछ दिन पहले उसी मामले को लेकर पुलिस सेवा से वर्खास्त कर दिया गया था।

      nalanda police si maut 1इधर, एक दारोगा की मौत के बाद भी सम्मान नहीं मिलने से स्व. यादव के परिजन काफी नाराज हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने की बात कही है।

      परिजनों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई के संबंध में भी किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी गयी थी। हालांकि उनकी मौत से पुलिस महकमा में शोक की लहर है। ब्रेन हैमरेज से मौत की आशंका जतायी जा रही है।

      हालांकि, मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। फिलहाल सम्मान नहीं मिलने व जानकारी छुपाने से नाराज परिजन न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं।

      बक्सर निवासी भतीजा गोपाल राय के अनुसार मृत दारोगा तेज नारायण यादव 36 वर्षों से वे बिहार पुलिस सेवा में थे। बावजूद उन्हें मौत के बाद उचित सम्मान नहीं दिया गया। न ही उनके शव की पुलिस लाइन में सलामी दी गयी। न ही अस्पताल में किसी वरीय पदाधिकारी ने उनके शव पर फूल माला अर्पित की।

      पुत्र आशुतोष कुमार ने बताया कि बर्खास्त होने की सूचना भी उन्हें नहीं दी गयी। मौत के बाद भी विभाग की तरफ से समय पर जानकारी नहीं दी गयी। नालंदा पुलिस लाइन में कार्यरत एक पुलिस के जवान ने ही उनकी मौत की सूचना फोन पर दी। इसके बाद परिजन बिहारशरीफ पहुंचे। 

      पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष जयगोविंद सिंह यादव की दलील है कि इस घटना से पूरा पुलिस महकमा शोकाकुल है। कार्रवाई एक कानूनी प्रक्रिया है। कानून अपना काम कर रहा है। एसोसिएशन की तरफ से उनके परिजनों को हर संभव मदद दी जाएगी। जिला में एक विशेष कार्यक्रम होने के कारण वरीय अधिकारी नहीं पहुंच सके।

      दरअसल, श्री राय पूर्व में नगरनौसा थाना में कार्यरत थे। जहां थाने में एक ग्रामीण की संदिग्ध मौत के मामले में उन्हें सस्पेंड किया गया था। तब से विभागीय कार्रवाई चल रही थी। हालांकि, कार्रवाई के दौरान वे कई थानों में तैनात किए गए थे। मौत की सूचना समय पर परिजनों को दी गई थी।

      कहा जाता है कि पुलिस लाइन में तैनात दारोगा की सोमवार को बाथरूम गए थे। वहीं गिरने के बाद अचानक बेहोश हो गए। इसके बाद सहकर्मियों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। मौत का कारण लोग ब्रेन हैमरेज की आशंका जता रहे हैं।

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