Monday, February 16, 2026
अन्य

    शिक्षिका ने ब्लैकबोर्ड पर लिखाः ‘हाथ-पांव फूलना’ का अर्थ ‘समय पर दारू का न मिलना’

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के मोतिहारी जिले के ढाका प्रखंड के जमुआ उत्क्रमित मध्य विद्यालय में चौथी कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर लिखी मुहावरों की अजीबोगरीब व्याख्या सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। ब्लैकबोर्ड पर ‘हाथ-पांव फूलना’ का अर्थ ‘समय पर दारू का न मिलना’ बताया गया, वहीं ‘कलेजा ठंडा होना’ को ‘एक पैग गले के नीचे उतरने’ से जोड़ा गया। इसके अलावा ‘नेकी कर दरिया में डाल’ का मतलब ‘फ्री में पिलाना’ लिखा गया था।

    यह तस्वीर जैसे ही वायरल हुई, शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अखिलेश कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुलेखा कुमारी और इस घटना से जुड़ी शिक्षिका विनिता कुमारी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा हैं।

    शिक्षिका विनिता कुमारी ने अपनी सफाई में कहा कि यह घटना 6 महीने पुरानी हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा हैं। उनका आरोप हैं कि प्रधानाध्यापिका सुलेखा कुमारी ने उन्हें इस विवाद में घसीटा हैं।

    इस घटना ने स्थानीय शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि जांच के बाद क्या निर्णय लिया जाता हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

    Nalanda Darpanhttps://nalandadarpan.com/
    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    आपकी खबरें

    error: Content is protected !!
    शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा