अन्य
    अन्य

      क्या हरनौत से इस भीष्म पितामह के ‘राजनीतिक युग’ का अंत हो जाएगा !

      80 वर्षीय हरिनारायण सिंह ने वर्ष 1977 में चंडी विधानसभा से पहली बार जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीतकर बीबीसी हिंदी सेवा की खबर की सुर्खियों तक में अचानक छा गए...

      85,124,792FansLike
      1,188,842,671FollowersFollow
      345,671,298FollowersFollow
      92,437,120FollowersFollow
      85,496,320FollowersFollow
      40,123,896SubscribersSubscribe

      नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार चुनाव की डुगडुगी बज चुकी है। सीएम  के गृह जिला नालंदा के सभी सात विधानसभा क्षेत्र में लोगों की नजर है। बदले राजनीतिक समीकरण में इस बार नालंदा का समीकरण भी बदलेगा। ज्ञान की धरती नालंदा जदयू का गढ़ माना जाता है। ऐसे हालात में सीएम नीतीश कुमार के लिए प्रत्याशी चयन करना टेढ़ी खीर दिख रही है।

      harinarayan singh HARNAUT 2सीएम नीतीश कुमार के गृह विधानसभा हरनौत एक हाँट सीट माना जाता है। जहाँ से कभी वे चुनाव भी लड़ चुके हैं। हरनौत में जदयू से टिकट के लिए उम्मीदवारों की एक लंबी सूची है। किस्मत आजमाने वालें दावेदार बहुत है।

      लेकिन सवाल यह है कि नालंदा की राजनीति के भीष्म पितामह और हरनौत से वर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह के 43 साल के राजनीति युग का अंत हो जाएगा !

      अनिश्चितता के बीच यह यक्ष सवाल राजनीति फिजा में तैर रहा है। लोगों की जबान पर यह भी है कि सीएम को मीडिया प्रत्याशी पसंद है?

      हरनौत से वर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह 2010 और 2015 से विधायक हैं। इससे पहले वे 1977 से चंडी विधानसभा से विधायक रहे। लालूप्रसाद यादव और नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में क्रमशः कृषि राज्यमंत्री और शिक्षा मंत्री रह चुके हैं।

      80 वर्षीय हरिनारायण सिंह ने 1977 में चंडी विधानसभा से पहली बार जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और जीतकर बीबीसी हिंदी सेवा की खबर में भी आएं।

      फिर लोकदल से 1983 का विधानसभा उपचुनाव, 1990 में जनता दल, 2000 में समता पार्टी फिर 2005 (फरवरी), 2005(नबबंर) विधानसभा चुनाव में जदयू से चुनाव जीतने में सफल रहे।

      जब परिसीमन में चंडी विधानसभा का अस्तित्व खत्म हुआ तो लगा मानो हरिनारायण सिंह सहित कई राजनीतिक नेताओं की राजनीतिक कैरियर खत्म हुआ। लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव में सीएम नीतीश कुमार ने हरिनारायण सिंह पर विश्वास करते हुए उन्हे हरनौत से टिकट दिया। जहाँ से वह चुनाव आसानी से जीत गए।

      वर्ष 2015 में फिर उनकी उम्मीदवारी की चर्चा हुई तो हरनौत के स्थानीय नेताओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया। फिर भी सीएम नीतीश का वरदहस्त उनपर रहा। जहाँ फिर से जीत हासिल की।

      अपने राजनीतिक जीवन में वे छह बार चंडी विधानसभा से और दो बार हरनौत विधानसभा से विधायक है। दो बार मंत्रीपद पर रहने के अलावा कई बार संसदीय पदों पर भी रहे। सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी हरिनारायण सिंह का सम्मान स्वंय सीएम नीतीश कुमार करते हैं।

      80 साल के हरिनारायण सिंह के सामने उम्र का एक बंधन है। जहाँ से आगे बढ़ना उनके लिए ज्यादा आसान नहीं है। इसलिए राजनीतिक गलियारे में उनके राजनीतिक संयास की चर्चा ज्यादा है।

      लेकिन वे अब खुद के स्थान पर अपने पुत्र अनिल कुमार को स्थापित करना चाहते हैं। जो उनके लिए आसान नहीं होगा। नीतीश कुमार हरिनारायण सिंह के स्थान पर किसी और को ज्यादा तरजीह नहीं देना चाह रहे हैं। लेकिन सियासत में अटकलें ज्यादा टिकती नहीं है।

      चूंकि विधानसभा चुनाव की घंटी बज चुकी है। हरनौत से जदयू से किसे घंटी बांधा जाएगा, साफ नहीं हुआ है। यहाँ वर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह भी चुनावी प्रचार में हैं।

      वहीं नगरनौसा प्रखंड की एक मुखिया ममता देवी भी टिकट की दावेदार में अग्रिम पंक्ति में हैं। जिन्हें मनी मैनेजमेंट की वजह से मीडिया प्रत्याशी माना जा रहा है। जो सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद और भी मुखर दिख रही है।

      इधर पिछले चुनाव में हरिनारायण सिंह के प्रत्याशी बनाएं जाने का विरोध कर चुके ई अशोक कुमार सिंह भी मैदान में है। वही एक सामाजिक कार्यकर्ता संतोष सिंह जो सीएम नीतीश के काफी करीबी माने जाते हैं,वे भी टिकट की दौड़ में है,लेकिन पर्दे के पीछे से।

      हरनौत विधानसभा में जदयू के लिए टिकट चयन आसान नही दिखता है। उसे कभी महागठबंधन से प्रत्याशी के आने का इंतजार होगा। उसके बाद ही जदयू अपने पते खोलेगी।

      हरनौत विधानसभा में राजद ने भी अभी तक अपने उम्मीदवार घोषित नहीं की है। लेकिन कोरोना संकट में हरनौत, चंडी और नगरनौसा की जनता के लिए फरिश्ता बनकर आएं सीएम नीतीश कुमार के रिश्तेदार संजय सिंह पप्पू राजद के प्रत्याशी के रूप में अपने आप को घोषित किया है।

      वैसे राजद से टिकट के दावेदार में दंत चिकित्सक धर्मेंद्र कुमार भी शामिल है। संजय सिंह लालू प्रसाद के नजदीकी रहें है और वे 1995 में हरनौत से निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुके है। जबकि दंत चिकित्सक धर्मेंद्र कुमार तेजप्रताप के।

      ऐसे में अगर लालू प्रसाद की चली तो संजय सिंह राजद से उम्मीदवार हो सकते है। तेजप्रताप की चली तो धर्मेंद्र कुमार की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है।

      हालांकि पूर्व में राजद प्रत्याशी रह चुकी चर्चित उषा सिंहा भी राजद से एक बार चुनाव लड़ने की जुगहत में हैं। यह भी चर्चा है कि लोजपा एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ी तो अरूण कुमार प्रत्याशी होगें।

      सच पुछिए तो इस बार जदयू के लिए राह आसान नहीं दिखती। चर्चा है कि प्रत्याशी बदलना जदयू को भारी पड़ सकता है। उन्हें विरोध और भितरघात भी झेलना पड़ सकता है। हरनौत की जनता जानना चाह रही है कि क्या नीतीश कुमार को उड़नेवाला मीडिया प्रत्याशी पसंद है? या फिर कोई अन्य!

      देखना दिलचस्प होगा कि इस बार सीएम नीतीश कुमार हरिनारायण सिंह का पता साफ कर उस परंपरा को बरकरार रखना चाहते हैं, जो 1962 से चंडी विधानसभा से चली। इन सवालों का जबाब 7 अक्तूबर से पहले मिल जाना चाहिए।

      LEAVE A REPLY

      Please enter your comment!
      Please enter your name here

      This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

      Related News

      Expert Media Video News
      Video thumbnail
      पियक्कड़ सम्मेलन करेंगे सीएम नीतीश कुमार के ये दुलारे
      00:58
      Video thumbnail
      देखिए वायरल वीडियोः पियक्कड़ सम्मेलन करेंगे सीएम नीतीश के चहेते पूर्व विधायक श्यामबहादुर सिंह
      04:25
      Video thumbnail
      मिलिए उस महिला से, जिसने तलवार-त्रिशूल भांजकर शराब पकड़ने गई पुलिस टीम को भगाया
      03:21
      Video thumbnail
      बिरहोर-हिंदी-अंग्रेजी शब्दकोश के लेखक श्री देव कुमार से श्री जलेश कुमार की खास बातचीत
      11:13
      Video thumbnail
      भ्रष्टाचार की हदः वेतन के लिए दारोगा को भी देना पड़ता है रिश्वत
      06:17
      Video thumbnail
      नशा मुक्ति अभियान के तहत कला कुंज के कलाकारों का सड़क पर नुक्कड़ नाटक
      02:36
      Video thumbnail
      झारखंडः देवर की सरकार से नाराज भाभी ने लगाए यूं गंभीर आरोप
      02:57
      Video thumbnail
      भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष एवं सांसद ने राँची में यूपी के पहलवान को यूं थप्पड़ जड़ा
      01:00
      Video thumbnail
      बोले साधु यादव- "अब तेजप्रताप-तेजस्वी, सबकी पोल खेल देंगे"
      02:56
      Video thumbnail
      तेजस्वी की शादी में न्योता न मिलने से बौखलाए लालू जी का साला साधू यादव
      01:08