राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग (PGDSC) के आवासीय पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिशिर सिन्हा और कुलसचिव रजनीकांत की उपस्थिति में आयोजित की गई।
परीक्षा नियंत्रक सह डीन निशिकांत तिवारी ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के लिए कुल 22 उम्मीदवारों का चयन किया गया है, जिनमें एथलेटिक्स के लिए 15 और क्रिकेट के लिए 7 उम्मीदवार शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को एक वर्ष के गहन आवासीय खेल प्रशिक्षण से गुजरना होगा, जिसके बाद वे पेशेवर कोच के रूप में कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।
श्री तिवारी ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के लिए पांच अनुभवी फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति की गई है। पाठ्यक्रम में खेल मनोविज्ञान, एथलीट विकास, प्रदर्शन विश्लेषण, कोचिंग पद्धतियां और खेल नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण का एक आदर्श संयोजन प्रदान करता है, जो छात्रों को खेल संगठनों, क्लबों और शैक्षणिक संस्थानों में कोच, खेल प्रशासक या अन्य संबंधित भूमिकाओं में करियर बनाने के लिए सक्षम बनाएगा।
पाठ्यक्रम में शामिल प्रमुख विषयों में निम्नलिखित शामिल हैं-
खेल विज्ञान: एथलीटों की शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को बढ़ाने की तकनीकें।
कोचिंग सिद्धांत: प्रभावी प्रशिक्षण रणनीतियों और तकनीकों का अध्ययन।
खेल मनोविज्ञान: खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी और प्रेरणा के तरीके।
शारीरिक शिक्षा: शारीरिक फिटनेस और प्रदर्शन में सुधार के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण।
खेल प्रबंधन: खेल आयोजनों और संगठनों के प्रबंधन की बारीकियां।
यह पाठ्यक्रम न केवल उम्मीदवारों को तकनीकी कौशल प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें एथलीटों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और आधुनिक कोचिंग तकनीकों को लागू करने में भी सक्षम बनाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में कोचिंग का अनुभव प्राप्त होगा, जिससे वे खेल जगत में एक मजबूत आधार बना सकेंगे।
इस चयन प्रक्रिया के दौरान प्रो. उषा तिवारी, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. रवि कुमार सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उनकी मौजूदगी ने इस प्रक्रिया को और भी गरिमामय बनाया।
बहरहाल, बिहार खेल विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कुशल कोच तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पाठ्यक्रम बिहार के युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसरों का द्वार खोलेगा और उन्हें वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने में मदद करेगा।
नालंदा दर्पण की ओर से चयनित सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं!
