बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के वेना थाना क्षेत्र के एक गांव में दीपावली के पावन अवसर पर एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक महिला, जो पटना के फतुहा से अपने गांव दीपावली की साफ-सफाई के लिए आई थी, उसके साथ दुष्कर्म के बाद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय में सनसनी फैला दी, बल्कि कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार मृतका पटना के फतुहा स्थित रानीपुर मोहल्ले की निवासी थी और दीपावली के त्योहार के लिए अपने गांव आई थी। वह अकेले घर की साफ-सफाई में जुटी थी, जब कुछ बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। मृतका के पुत्र और भतीजे ने बताया कि बदमाशों ने पहले लूटपाट की, फिर महिला के साथ दुष्कर्म किया और अंत में उसे मार डाला।
घटना की जानकारी रविवार की सुबह तब सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने शव को देखा। मृतका के भतीजे ने बताया कि शनिवार की रात गांव में कुछ लोग जुआ खेल रहे थे, जिसके कारण वहां काफी हंगामा था। रात करीब 10 बजे के बाद गली की लाइट बंद कर दी गई और लोग अपने घरों में सोने चले गए। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वेना थाना की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाकर जांच शुरू की गई। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों से लिखित शिकायत प्राप्त होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि सदर डीएसपी टू संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि घटनास्थल पर दुष्कर्म या मारपीट के कोई ठोस साक्ष्य अभी तक पुलिस को नहीं मिले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा। जबकि ग्रमीणों के अनुसार महिला के होंठ, गले, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर जख्म के निशान साफ नजर आ रहे थे।
इस घटना ने पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। खासकर महिलाओं के बीच इस घटना ने भय का वातावरण बना दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस मामले की गहन जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। दीपावली जैसे पवित्र त्योहार के समय इस तरह की वारदात ने समाज में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई कर जनता का भरोसा जीते।
