हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड अंतर्गत पंचायत मिर्जापुर के सोहरापुर पुल पर लोकयन नदी के जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का नेतृत्व नालंदा जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार और बिहार जल संसाधन विभाग के अपर सचिव यशपाल मीणा ने किया। यह निरीक्षण क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए किया गया।
जानकारी के अनुसार उदेरा स्थान से 1 लाख 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो कि पूर्व में छोड़े गए पानी की मात्रा से काफी अधिक है। इस वजह से एकंगरसराय, करायपरसुराय और हिलसा प्रखंडों में बाढ़ प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया है और आपदा प्रबंधन की दिशा में त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी और अपर सचिव ने हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी को आपदा प्रबंधन के तहत पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इनमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की योजना, लोगों की सुरक्षा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदी के किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, प्रशिक्षु समाहर्ता, अपर समाहर्ता (आपदा), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, मुखिया और ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने एकजुट होकर स्थिति का जायजा लिया और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर चर्चा की।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही आपातकालीन स्थिति में निकटतम प्रशासनिक अधिकारियों या पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए हैं और किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
