विकास योजनाओं की लूट में नगरनौसा प्रखंड का गोरायपुर पंचायत अव्वल

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत गोरायपुर पंचायत में मुखिया, पंचायत सेवक, कनीय अभियंता और बिचौलिया की सांठगांठ से विकास योजनाओं का आंकलन करें तो यह पंचायत पूरे जिले में अव्वल नजर आता है। यहाँ जितने व्यापक पैमाने पर सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है, उतनी ही रफ्तार से सरकारी राशि का बंदरबांट हुआ है। इस पंचायत में भी फर्जी जॉब कार्डधारियों के जरिए सरकारी खजाना खाली किया गया है।

फिलहाल हम इस पंचायत में पिछले एक साल के दौरान माइक्रो एरीग्रेशन वर्क के तहत क्रियान्वित सौ से अधिक योजनाओं का जिक्र कर रहे हैं। जिनमें भारी लूट खसोंट मचाई गई है। ये कार्य प्रायः पइन खुदाई और उड़ाही कार्य से जुड़े हैं।

इस पंचायत में भी योजनाओं की जमीनी हकीकत काफी भयावह है। स्थल निरीक्षण के बाद कहीं ऐसा नहीं लगता है कि 15 फीसदी राशि के कार्य भी हुए हैं। कई योजनाओं में तो बिना कोई कार्य किए या फिर कागज पर ही जैसे-तैसे कार्य पूरा कर प्राक्कलन से अधिक राशि की निकासी की गई है।

पिछले एक साल यानि वर्ष 2023-24 वित्तिय वर्ष में निम्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। इन सभी योजनाओं की जांच से गोरायपुर पंचायत में कई चौंकाने वाले तत्थ सामने आएंगे। यहां एक ही मनरेगा मजदूर एक ही समय कई योजनाओं में कार्य करते दर्शाए गए हैं, जो भी फर्जी श्रेणी के मनरेगा मजदूर बताए जाते हैं। यही नहीं, यहां भी प्राय मनरेगा मजदूर के कार्य करते एक ही तस्वीर को प्रायः योजनाओं में दर्शाया गया है। नालंदा दर्पण टीम निम्न सभी योजनाओं का अलग-अलग विस्तृत जानकारी भी प्रकाशन करेगी और यह बताएगी कि किन लोगों ने किस तरह सरकारी राशि का बंदरबांट किया है….

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