कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। ‘जे हमरा बाबू को पसंद है, ऊ तो बिहार में बंद है’- यह गाना भले ही लोगों की जुबान पर हो, लेकिन कतरीसराय थाना क्षेत्र में यह कहावत हकीकत से कोसों दूर नजर आती है। बिहार में शराबबंदी के सख्त कानून के बावजूद यहां शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
यहां शराब भगवान की तरह दिखती नहीं, मगर हर जगह बिकती जरूर है। ताजा मामले में कतरीसराय प्रखंड मुख्यालय के ठीक सामने गेट पर विदेशी शराब का बड़ा कारोबार पकड़ा गया है, जिसने पुलिस की सतर्कता और अवैध धंधेबाजों की हिम्मत को उजागर किया है।
कतरीसराय थानाध्यक्ष सत्यम तिवारी को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रखंड मुख्यालय के सामने अर्जुन यादव के मकान में विदेशी शराब की बड़ी खेप बिक्री के लिए पहुंची है। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष ने एएसआई प्रांजित चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। इस टीम में सिपाही रामप्रवेश पासवान और असमंजस कुमार शामिल थे।
पुलिस की इस टीम ने प्रखंड मुख्यालय के सामने अर्जुन यादव पिता स्वर्गीय रामरूप यादव निवासी कतरीसराय के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक कमरे में गोईठा (गाय के गोबर से बने उपले) और धान की कुट्टी के बीच छिपाकर रखी गई शराब की बड़ी खेप बरामद की।
छापेमारी में पुलिस ने ऑफिसर च्वाइस- 750 मिलीलीटर की 10 बोतलें, द स्ट्रॉन्ग किंग बियर- 500 मिलीलीटर की 15 बोतलें, हार्वर्ड 5000 प्रीमियम स्ट्रॉन्ग बियर- 500 मिलीलीटर की 16 बोतलें, देशी चुलाई शराब- सफेद पॉलीथीन में 2 लीटर बरामद की।
पुलिस के अनुसार बरामद विदेशी शराब पर वेस्ट बंगाल का मार्का लगा हुआ था, जो यह संकेत देता है कि शराब की यह खेप अवैध रूप से बिहार में लाई गई थी। इसके अलावा दो पॉलीथीन बैग में रखी गई लगभग 2 लीटर देशी चुलाई शराब भी जब्त की गई।
छापेमारी के दौरान शराब के धंधेबाज अर्जुन यादव को पुलिस की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया। थानाध्यक्ष सत्यम तिवारी ने बताया कि आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके बावजूद कतरीसराय जैसे क्षेत्रों में शराब का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है। यह घटना न केवल शराब माफियाओं की हिम्मत को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र की कमजोरियों को भी उजागर करती है।
थानाध्यक्ष सत्यम तिवारी ने कहा कि हमारी टीम अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार सक्रिय है। गुप्त सूचनाओं के आधार पर हम नियमित रूप से छापेमारी कर रहे हैं। इस तरह के धंधेबाजों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों का सहयोग ही इस अवैध कारोबार को पूरी तरह रोक सकती है।
