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नालंदा नगर पंचायत का 60.86 करोड़ का बजट पारित, छठ घाट समेत कई योजनाओं पर फोकस

Nalanda urban development news

सिलाव (नालंदा दर्पण)। नालंदा नगर पंचायत के विकास को गति देने के उद्देश्य से आयोजित सामान्य बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ 86 लाख रुपये का बजट पारित किया गया। नगर पंचायत कार्यालय के सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष आलोघनी देवी ने की। बैठक में उपमुख्य पार्षद पिंकी कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी राजन कुमार समेत सभी वार्ड पार्षद उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान नगर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन से जुड़ी व्यवस्थाओं तथा प्रशासनिक सुधारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। परिषद ने सर्वसम्मति से बजट को मंजूरी देते हुए इसे नगर के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

विकास कार्यों पर रहेगा बजट का फोकसः कार्यपालक पदाधिकारी राजन कुमार ने बताया कि पारित बजट का बड़ा हिस्सा नगर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा। इसके तहत स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे, सड़क निर्माण, नाली-गली का निर्माण, नल-जल व्यवस्था, पार्कों का विकास, पौधरोपण अभियान और बड़गांव छठ घाट के जीर्णोद्धार जैसे कार्य प्राथमिकता में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से नगर में न केवल नागरिक सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खासकर प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

छठ मेला को लेकर विशेष तैयारीः बैठक में बड़गाम में आयोजित होने वाले चैती छठ मेले की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि यह मेला 22 मार्च से शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

नगर पंचायत प्रशासन ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग की तैयारीः बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पंचायत को बेहतर स्थान दिलाने के लिए भी रणनीति पर चर्चा की गई। इसके तहत शहर में सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने तथा नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

नगर क्षेत्र में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाने पर विचार किया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान को मजबूती मिल सके।

ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य, 31 मार्च तक मोहलतः कार्यपालक पदाधिकारी राजन कुमार ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग की गाइडलाइन के अनुसार नगर क्षेत्र के सभी दुकानदारों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च तक लाइसेंस नहीं लेने वाले दुकानदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही नगर परिषद के सदस्यों से अपील की गई कि वे अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को होल्डिंग टैक्स निर्धारण के प्रति जागरूक करें। प्रशासन ने जानकारी दी कि 31 मार्च तक होल्डिंग निर्धारण करवाने वाले लोगों को पेनाल्टी और ब्याज से छूट दी जाएगी।

विकास और राजस्व सुधार का संतुलित प्रयासः बैठक के अंत में नगर अध्यक्ष आलोघनी देवी ने कहा कि नगर पंचायत का लक्ष्य केवल विकास योजनाओं को लागू करना ही नहीं, बल्कि राजस्व संग्रह को भी मजबूत करना है, ताकि भविष्य में और अधिक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। उन्होंने सभी पार्षदों से विकास कार्यों की निगरानी और जनता से संवाद बढ़ाने की अपील की।

बहरहाल नगर पंचायत की इस बैठक को स्थानीय विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि बजट के प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो आने वाले समय में नालंदा नगर क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।  समाचार स्रोतः मीडिया रिपोर्ट/नालंदा दर्पण

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