बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार पर्यटन विभाग द्वारा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को और आकर्षक बनाने के लिए एक अभूतपूर्व पहल की जा रही है। अब देश और दुनिया के पर्यटक हेलिकॉप्टर के माध्यम से बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। बिहार पर्यटन विभाग और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से पहले चरण में पटना से राजगीर, गया, बोधगया और बेतिया स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद यह सेवा शीघ्र ही शुरू हो जाएगी।
बता दें कि बिहार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्वविख्यात है और यह हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख विदेशी और 2 करोड़ से अधिक देशी पर्यटक पटना, गया, बोधगया और बेतिया जैसे स्थानों का भ्रमण करते हैं।
हेलिकॉप्टर सेवा के शुरू होने से न केवल पर्यटकों का समय बचेगा, बल्कि उनकी यात्रा और भी सुखद और सुविधाजनक होगी। इस योजना के पहले चरण के सफल होने पर दूसरे चरण में बिहार के अन्य जिलों में भी इस सेवा का विस्तार किया जाएगा।
हेलिकॉप्टर सेवा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पर्यटक कम समय में अधिक स्थानों का भ्रमण कर सकेंगे। उदाहरण के लिए सड़क मार्ग से पटना से बेतिया स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पहुंचने में लगभग 6 घंटे लगते हैं। जबकि हेलिकॉप्टर से यह यात्रा मात्र सवा घंटे में पूरी हो जाएगी।
इसी तरह पटना से गया या बोधगया पहुंचने में सड़क मार्ग से 2 से 3 घंटे का समय लगता है। लेकिन हेलिकॉप्टर से यह दूरी 30-45 मिनट में तय की जा सकेगी। इस सुविधा से पर्यटक एक ही दिन में दो से तीन पर्यटन स्थलों का दौरा आसानी से कर सकेंगे।
यह हेलिकॉप्टर सेवा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना के तहत संचालित होगी। पहले चरण में बिहार को पांच पर्यटकों की क्षमता वाले दो हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटकों की मांग और आवश्यकता के आधार पर हेलिकॉप्टर की संख्या में वृद्धि की जाएगी।
वहीं पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष पैकेज तैयार किए जाएंगे। जिनमें गया, बोधगया, राजगीर और बेतिया जैसे स्थानों के लिए अलग-अलग या संयुक्त बुकिंग की सुविधा होगी।
इस सेवा को शुरू करने के लिए पर्यटन स्थलों पर हेलिकॉप्टर उतारने के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद हेलीपैड निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर काम शुरू हो जाएगा। इन हेलीपैड्स को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि पर्यटक 10 मिनट के भीतर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
