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मगध बनेगा वैश्विक पर्यटन हब, जू सफारी से लेकर बौद्ध सर्किट तक पीपल-बरगद कॉरिडोर

बिहार सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना

राजगीर पर्यटन विकास योजना

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार सरकार ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी राजगीर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने दो दिवसीय दौरे के दौरान राजगीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का गहन निरीक्षण किया और मीडिया को सरकार की भावी योजनाओं की जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने नेचर सफारी, जू सफारी, वेणुवन, विश्व शांति स्तूप, घोड़ा कटोरा झील और रोपवे जैसे प्रमुख आकर्षणों का जायज़ा लिया। एसीएस ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए टिकटिंग व्यवस्था को और अधिक सरल व डिजिटल बनाया जाएगा। अब नेचर और जू सफारी में प्रतिदिन एक हजार के बजाय दो हजार टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि नेचर और जू सफारी से सालाना लगभग 20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है और अब तक तीन लाख से अधिक पर्यटक इन स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए राजगीर में 50-50 कमरों वाले दो आधुनिक गेस्ट हाउस, वेटिंग हॉल और कैफेटेरिया के निर्माण की योजना बनाई गई है।

पर्यटन स्थलों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस करने की दिशा में वन विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख स्थलों पर मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा 20 स्थानों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे।

जू सफारी अस्पताल को अत्याधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जहां सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ दैनिक मजदूरों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पेट्रोलिंग पार्टी को वॉकी-टॉकी से लैस किया जाएगा।

पर्यटकों के मनोरंजन के लिए वेणुवन में शाम पांच बजे के बाद लेजर लाइट शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वहीं नेचर सफारी में पर्यटकों के शीघ्र आवागमन हेतु टॉय ट्रेन चलाने के प्रस्ताव पर भी गंभीर मंथन चल रहा है।

सरकार बौद्ध सर्किट को आधुनिक सुविधाओं और हरित अवसंरचना से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बोधगया, राजगीर, नालंदा और बिहारशरीफ को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क को देश के पहले ‘पीपल-बरगद कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। सड़क के दोनों किनारों पर पीपल और बरगद के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे यह मार्ग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का भी प्रतीक बनेगा।

घोड़ा कटोरा क्षेत्र में चिल्ड्रेन पार्क और अन्य मनोरंजक गतिविधियों के विकास की योजना है। वैभारगिरि स्थित जैन मंदिर के लिए गाइडेड टूर की व्यवस्था की जाएगी। सफारी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और मेट्रो की तर्ज पर बसों में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर मार्ग और दूरी की जानकारी प्रदर्शित होगी। जू सफारी गेट के पास दो एटीएम और वन मित्र काउंटर स्थापित किए जाएंगे।

पर्वत दर्शन के लिए चलने वाली पालकी व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित कर वन क्षेत्र के समीप स्थानांतरित करने की योजना है, ताकि पर्यटकों को अधिक सुविधा मिल सके।

इस अवसर पर डीएफओ राजकुमार एम, जू सफारी निदेशक रामसुंदर एम, वेणुवन रेंजर श्याम पांडेय सहित वन विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे।

समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स

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