Home रोजगार मलमास मेला 2026 से पहले फुटपाथ दुकानदारों की आवाज बुलंद

मलमास मेला 2026 से पहले फुटपाथ दुकानदारों की आवाज बुलंद

राजगीर (नालंदा दर्पण)। मलमास मेला 2026 की तैयारियों के बीच राजगीर के फुटपाथ दुकानदारों ने अपने रोजगार और पुनर्वास को लेकर आवाज तेज कर दी है। नगर विक्रय समिति के सदस्यों ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) तथा नगर परिषद राजगीर के कार्यपालक पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए निबंधित स्थायी एवं अस्थायी फुटपाथ दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर नहीं हटाने तथा मेला अवधि में नि:शुल्क दुकान आवंटित करने की मांग की है।

मांग पत्र सौंपने के दौरान नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच के संरक्षक सुनील कुमार ने कहा कि पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम 2014 लागू होने के बावजूद आज तक राजगीर में वेंडिंग जोन का निर्माण नहीं किया गया है। इसके कारण हर बड़े आयोजन और मेले के समय फुटपाथ दुकानदारों को उजड़ने की स्थिति का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ लेने वाले दुकानदारों को भी अतिक्रमण हटाने के नाम पर बार-बार हटाया जाता है, जिससे उन्हें ऋण की किस्तें चुकाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुंड जोन में वेंडिंग जोन के लिए चिन्हित भूमि पर सुधा का बूथ स्थापित कर दिया गया है, जिससे दुकानदारों में गहरा आक्रोश है।

इस अवसर पर टीवीसी सदस्य रमेश कुमार पान ने कहा कि नगर विक्रय समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों का समय पर अनुपालन नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यपालक पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण समिति की नियमित बैठकें भी समय पर नहीं हो पाती हैं।

उन्होंने बताया कि नगर परिषद राजगीर ने पूरे नगर को पांच जोन में विभाजित कर टाउन लेवल फेडरेशन का गठन किया है, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण आज तक किसी भी जोन में फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन विकसित कर पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। इसे उन्होंने राजगीर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन नगर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

दुकानदारों ने कहा कि राजगीर एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, जहां देश-विदेश से पर्यटकों का निरंतर आगमन होता रहता है। यदि यहां सुव्यवस्थित और सुसज्जित वेंडिंग जोन बनाकर फुटपाथ दुकानदारों को पुनर्वासित किया जाए, तो इससे न केवल दुकानदारों की आजीविका सुरक्षित होगी, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यटन व्यवस्था भी बेहतर होगी।

मौके पर राघो देवी, रेखा देवी, मनोज कुमार, राजू साव, चंदन कुमार, सुरेंद्र कुमार, सुधीर कुमार, इंद्रजीत कुमार, चंद्रजीत कुमार सहित दर्जनों फुटपाथ दुकानदार उपस्थित रहे।

 

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