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मंदिर भूमि अतिक्रमण को लेकर अनशन पर बैठी महिला की तबियत बिगड़ी, प्रशासन मूकदर्शक

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। चंडी प्रखंड के नरसंडा में मंदिर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अनशन पर बैठी महिला की तबीयत बिगड़ती जा रही है, वहीं प्रशासन अभी तक मूकदर्शक बनी हुई है।

प्रखंड क्षेत्र के नरसंडा गांव में एक मंदिर परिसर को स्वच्छ बनाने के लिए मन्दिर के भूस्वामी रामजानकी प्रगतिशील सेवा संस्थान की सचिव अर्पणा बाला ने मजदूर लगा कर साफ सफाई का कार्य कर फूल, पौधा लगाने का प्रयास कर रही थी।

मंदिर की भूमि को लेकर अनशन पर बैठी महिला की तबियत बिगड़ी प्रशासन मूकदर्शकलेकिन मंदिर परिसर हरा भरा हो गांव के कुछ असामाजिक तत्वों को नागवारा गुजरा परिणाम स्वरूप असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में फैले कूड़े कचड़े को साफ सफाई कर रहे मजूदरों को धमकी दी और कहा यहां पर काम करोगे तो जान से हांथ धो दोगे।

इसकी जानकारी देते हुए रामजानकी प्रगतिशील संगठन की सचिव अर्पणा बाला ने जिले के सभी पदाधिकारियों सहित बिहार के सीएम नीतीश कुमार से गुहार लगाते हुए कहा कि एक ओर जल जीवन हरियाली को सरकार अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्व इस कार्य में विघ्न डाल रहे हैं।

असमाजिक तत्वों की धमकी के बाद भूस्वामी अपर्णा बाला शनिवार से अनशन पर बैठी हुई है। उनका कहना है कि जब तक मंदिर परिसर से अतिक्रमण नहीं हटेगा और परिसर को स्वच्छ नही किया जाएगा तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। रविवार को अनशन की वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई।

इस बाबत नालंदा दर्पण ने चंडी सीओ आंचल कुमारी को जानकारी दी तो उन्होंने मेडिकल टीम भेजने की बात कहीं, लेकिन उनके आश्वासन के घंटों बाद भी मेडिकल टीम महिला की सुध बुध लेने नहीं पहुंची।

इस कार्य के लिए चंडी के नरसंडा की यह महिला अकेले असमाजिक तत्वों से जूझ रही है। इनकी सहायता के नाम पर स्थानीय प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रही है।

 

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