बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा से सामने आई एक शर्मनाक घटना ने पूरे राज्य ही नहीं, बल्कि देशभर में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, एक्स, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो में एक महिला के साथ सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से छेड़खानी और अशोभनीय हरकतें करते कुछ असामाजिक तत्व दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही यह मामला सुर्खियों में आ गया और प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के अजयपुर गांव की बताई जा रही है, जहां 26 मार्च 2026 को महिला के साथ यह कथित घटना घटी। वीडियो में भीड़ के बीच महिला के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
नालंदा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर नूरसराय थाना कांड संख्या 194/26 दिनांक 27 मार्च 2026 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 75, 76, 115(2), 126(2) एवं 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने अद्यतन कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मामले में नामजद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजयपुर गांव निवासी अशोक यादव पिता पचु यादव उर्फ पूना यादव तथा मतलू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम पिता स्वर्गीय हरिहर महतो के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का दावा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक और प्रशासनिक सवालः यह घटना कई गंभीर सवाल छोड़ जाती है। एक ओर जहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार दावे करती रही है, वहीं सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की घटना समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को उजागर करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने पुलिस को त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर किया, लेकिन सवाल यह भी है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर क्या प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
जनमानस में आक्रोशः घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
