थरथरी (नालंदा दर्पण)। नालंदा एसपी द्वारा बतौर कथित रिश्वतखोरी में संलिप्त थरथरी थानेदार पर की गई निलंबन की कार्रवाई का खामियाजा शिकायतकर्ता पीड़ित महिला एवं उसके परिवार को भुगतना पड़ रहा है। मामले के अनुसंधान कर्ता पीड़िता को तरह तरह की चेतावनी दे रहे हैं, उसके पुत्र-पति को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकियां दे रहे हैं।

बता दें कि नालंदा के एसपी अशोक मिश्रा ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तात्कालीन थानेदार पप्पु कुमार को सस्पेंड कर दिया था। एसपी ने यह कार्रवाई एसआई पप्पू कुमार के खिलाफ अनुशासनहीनता, भ्रष्ट आचरण और स्वेच्छाचारिता का आरोप के आधार पर की थी।
दरअसल, 11 जुलाई को एक महिला अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की एफआईआर कराने के लिए थरथरी थाना पहुंची थी। आरोप के मुताबिक थानाध्यक्ष पप्पू कुमार ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। पीड़िता ने किसी प्रकार चार हजार रुपये दिये। इसपर थानाध्यक्ष ने कहा कि जबतक पूरा पैसा नहीं मिलेगा, एफआईआर नहीं करेंगे और गाली-गलौज कर महिला को भगा दिया। इसके बाद पीड़िता ने एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगायी थी।
इससे पहले भी थानेदार पप्पू कुमार पर थरथरी बाजार में अकारण युवकों को पीटने और गाली-गलौज करने का आरोप लगा था। जिसके कुछ दिन बाद एक युवक ने हिलसा डीएसपी को आवेदन देकर बिना किसी कारण के गाली-गलौज करने का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि लगातार शिकायत मिलने के बाद नालंदा के एसपी ने कार्रवाई की थी।
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