Home नालंदा सरकारी स्कूलों में जल्द होगी 44 हजार प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति

सरकारी स्कूलों में जल्द होगी 44 हजार प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति

44 thousand head teachers will be appointed in government schools soon
44 thousand head teachers will be appointed in government schools soon

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 6,061 प्रधान अध्यापकों और प्राथमिक विद्यालयों में 37,943 प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है।

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित इन परीक्षाओं के परिणाम नवंबर के पहले हफ्ते में घोषित होने की संभावना है। जिससे राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रति सरकार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

जून में आयोजित हुई थी परीक्षाः बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधान अध्यापकों की नियुक्ति हेतु परीक्षा 28 जून को आयोजित की गई थी। जबकि प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों के लिए परीक्षा अगले ही दिन यानी 29 जून को संपन्न हुई थी। दोनों परीक्षाओं के नतीजे तैयार हो चुके हैं और परिणाम की घोषणा में केवल कुछ औपचारिकताओं का इंतजार है।

पहली बार होगी प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों की नियुक्तिः राज्य में यह पहली बार सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। इन पदों की कुल संख्या पहले 40,247 थी। लेकिन अब इसे घटाकर 37,943 कर दिया गया है।

इसके पीछे का कारण विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के आंकड़ों और आवश्यकताओं का संतुलन बताया जा रहा है। सरकारी स्तर पर इस निर्णय से उम्मीद की जा रही है कि प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई के स्तर में सुधार आएगा और शिक्षकों की जिम्मेदारियों का विभाजन भी प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

शिक्षा प्रणाली को मिलेगा नया नेतृत्वः प्रधान अध्यापक और प्रधान शिक्षक पद पर नियुक्ति से बिहार के सरकारी विद्यालयों को नया नेतृत्व मिलने की उम्मीद है। जो शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। शिक्षा विभाग के प्रयासों से छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी और स्कूलों में अनुशासन तथा शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होगा।

अगले महीने का इंतजारः बिहार के हजारों शिक्षकों और विद्यार्थियों के परिवारों की नज़र अब नवंबर के पहले हफ्ते पर है। जब इन बहुप्रतीक्षित परिणामों की घोषणा होगी। प्रधान अध्यापक और प्रधान शिक्षक के पद पर नियुक्ति का यह फैसला बिहार शिक्षा विभाग के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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