Home दीपनगर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पशु चिकित्सा अधिकारी को कुचला, मौत

तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पशु चिकित्सा अधिकारी को कुचला, मौत

A speeding truck crushed a veterinary officer riding a bike, resulting in his death
A speeding truck crushed a veterinary officer riding a bike, resulting in his death

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसुक गांव के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पशु चिकित्सा अधिकारी को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

जानकारी के अनुसार यह हादसा देर शाम जब डॉ. सुनील कुमार अपने कार्यस्थल नवादा जिले के ओढ़नपुर से बिहारशरीफ के दीपनगर स्थित अपने आवास वास्तु विहार लौट रहे थे। कोसुक गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डॉ. सुनील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और उन्हें बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया। लेकिन अफसोस कि पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।

मृतक की पहचान शेखपुरा निवासी डॉ. सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो वर्तमान में दीपनगर के वास्तु विहार में रह रहे थे। डॉ. सुनील कुमार नवादा जिले के ओढ़नपुर में भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उनके सहयोगी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि डॉ. सुनील 2022 से इस पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे और अपने कार्य के प्रति बेहद समर्पित थे।

हादसे की खबर मिलते ही डॉ. सुनील कुमार के परिजनों में कोहराम मच गया। उनके साथ काम करने वाले सहयोगियों और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें एक कर्मठ, मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति बताया। उनकी असामयिक मृत्यु को पशु चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

दीपनगर थानाध्यक्ष जितेंद्र राम ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल डॉ. सुनील को तुरंत अस्पताल भेजा गया। उनकी मृत्यु के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है।

डॉ. सुनील कुमार के सहयोगियों ने बताया कि वे न केवल अपने पेशे में निपुण थे, बल्कि अपने मिलनसार स्वभाव के कारण सभी के बीच लोकप्रिय भी थे। उनकी मृत्यु की खबर से चिकित्सा समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। कई सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोसुक गांव के पास सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इस क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने की मांग तेज हो रही है।

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