
“सरगना शाहनवाज आलम किशनगंज स्थित ससुराल से गिरफ्तार, 6 लैपटॉप और 32 मोबाइल बरामद; चोरी का सामान खरीदने वाले तीन दुकानदार भी दबोचे गए…
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा पुलिस (Nalanda Police ) ने शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का सरगना सोहसराय थाना क्षेत्र के महुआ टोला निवासी शाहनवाज आलम उर्फ छोटू को पुलिस ने किशनगंज स्थित उसके ससुराल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले तीन मोबाइल दुकानदारों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शाहनवाज दिन में ई-रिक्शा चलाने की आड़ में शहर के सूने घरों और फ्लैटों की रेकी करता था। मौका मिलते ही वह अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देता था। बताया जा रहा है कि एक चोरी की घटना के दौरान भागने के क्रम में उसका पैर टूट गया था, जिसके बाद वह पिछले करीब 20 दिनों से ससुराल में छिपकर रह रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है और अब तक 500 से अधिक मोबाइल फोन तथा दर्जनों लैपटॉप चोरी कर बेच चुका है।
चोरी के सामान को वह रविंद्र और जितेंद्र नामक दुकानदारों को सस्ते दाम पर बेचता था। शाहनवाज की निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर 6 लैपटॉप और 32 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
यह मामला 22 फरवरी को लहेरी थाना क्षेत्र के पटेल नगर में हुई चोरी की घटना के बाद सामने आया। सदर अस्पताल में कार्यरत संदीप कुमार के फ्लैट का ताला तोड़कर चोरों ने लैपटॉप, वाई-फाई राउटर और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया था।
थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता नीतीश रंजन ने तकनीकी जांच शुरू की। चोरी गए मोबाइल फोन को सर्विलांस पर डालते ही पुलिस को अहम सुराग मिला। जैसे ही पावापुरी निवासी विवेक कुमार ने चोरी का मोबाइल इस्तेमाल करना शुरू किया, पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में विवेक ने खुलासा किया कि उसने मोबाइल छोटू से खरीदा था।
इसके बाद पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले तीन आरोपियों शिवपुरी निवासी रविंद्र कुमार, दीपनगर के गढ़पर निवासी जितेंद्र कुमार उर्फ चायनीज तथा बकरा (पावापुरी ओपी) निवासी विवेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी रामचंद्रपुर इलाके में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे और चोरी का सामान सस्ते दामों पर बेचते थे।