बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने बिहारशरीफ के आइएमए हॉल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ‘बदलो बिहार, बदलो सरकार’ अभियान के तहत आयोजित इस सभा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। दीपंकर भट्टाचार्य ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिहार में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले साल हमने ‘बदलो बिहार’ पदयात्रा शुरू की थी। इस साल की शुरुआत ‘बदलो बिहार महाजुटान’ से हुई और अब चुनाव से पहले हम ‘बदलो सरकार’ अभियान लेकर आए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश जी को अब आराम करना चाहिए। वे शासन चलाने की स्थिति में नहीं हैं। भाजपा उन्हें आगे रखकर पर्दे के पीछे से सरकार चला रही है, ताकि उत्तर प्रदेश की तरह बिहार में भी बुलडोजर राज कायम हो सके।
दीपंकर ने नीतीश सरकार के सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में 94 लाख परिवार अति गरीब हैं। सरकार ने इन परिवारों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अब नियम-कानून के बहाने इसे लटका दिया गया है।
उन्होंने वादा किया कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार बनी, तो यह योजना लागू होगी। इसके अलावा, हर महिला को 2500 रुपये मासिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1000 रुपये करने, स्कीम वर्कर्स को सम्मानजनक वेतन और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज से मुक्ति जैसे वादे किए गए।
पत्रकारों से बातचीत में दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में सुशासन मजाक बन गया है। अराजकता और अपराध का बोलबाला है। हर रोज हत्या, बलात्कार और लूट की घटनाएं हो रही हैं। बिहार में ‘न्याय के साथ विकास’ का नारा सिर्फ एक छलावा है। सामंती सोच वाली सरकार किसानों, मजदूरों और गरीबों के हक छीन रही है।
उन्होंने बिहार को सस्ते मजदूरों का गढ़ बताते हुए कहा कि राज्य में बेरोजगारी, अपराध और प्राकृतिक आपदाओं से लोग त्रस्त हैं।
कार्यक्रम में भाकपा (माले) के अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया, जिनमें जनार्दन प्रसाद, शशि यादव, अरुण यादव, उमेश पासवान, शिवशंकर प्रसाद, वीरेश कुमार, मकसूदन शर्मा और गिरिजा देवी शामिल थे। इसके अलावा, इंडियन मुस्लिम लीग के इकबाल जफर, सामाजिक कार्यकर्ता आफताब हसन शम्स, जाहिद अंसारी, तबरेज, विश्वनाथ प्रसाद और आइलाज के कृष्णा प्रसाद यादव ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने भाकपा (माले) को अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के हक के लिए संघर्ष करने वाली एकमात्र पार्टी बताया।
जनसंवाद कार्यक्रम से पहले चंडी के एक निजी हॉल के पास भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने दीपंकर भट्टाचार्य का फूल-मालाओं के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान एमएलसी शशि यादव, मगध जोन के प्रभारी अमर, पोलित ब्यूरो मेंबर संतोष सहर, किसान मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष मुन्नीलाल यादव, शिवशंकर प्रसाद, रामदास अकेला, पूर्व मुखिया बखोरी प्रसाद और सूरज मंडल जैसे कार्यकर्ता मौजूद थे।
दीपंकर भट्टाचार्य ने बिहार के लिए एक नए विजन की बात की, जिसमें गरीबी, बेरोजगारी और अपराध से मुक्ति के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समानता पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मतलब विनाश, भ्रष्टाचार और अपराध है। बिहार को बदलने के लिए एकजुट होने का समय है।
