Home प्रशासन बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान भड़के सिविल सर्जन

बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान भड़के सिविल सर्जन

Civil surgeon got angry during inspection of Biharsharif Model Hospital
Civil surgeon got angry during inspection of Biharsharif Model Hospital

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला मुख्यालय अवस्थित बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने व्यवस्थागत खामियों पर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान दवा वितरण काउंटर पर महिलाओं की लंबी कतारें देखकर वे भड़क उठे और अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई।

डॉ. सिंह ने बताया कि दवा वितरण प्रणाली को सुचारू करने के लिए पूर्व में ही निर्देश दिए गए थे कि एक अतिरिक्त काउंटर शुरू किया जाए। इसके बावजूद इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसे उन्होंने घोर लापरवाही करार दिया।

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिविल सर्जन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल में तीन दवा काउंटर शुरू करने का निर्देश दिया। जिसमें दो काउंटर विशेष रूप से महिलाओं के लिए और एक पुरुषों के लिए होगा।

सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल में महिला मरीजों की संख्या अधिक होती है और कई बार वे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं। उनके साथ छोटे बच्चे भी होते हैं। जिसके कारण घंटों कतार में खड़ा रहना उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से कष्टदायक होता है।

खासकर गर्भवती महिलाओं और सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डॉ. सिंह ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि महिलाओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।

इसके अलावा मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को पर्ची कटवाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए ऑफलाइन पर्चा काटने की व्यवस्था को भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी दिक्कतों के कारण किसी को भी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने कई अन्य खामियों को भी चिह्नित किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के लिए निर्देशित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ऊंचा करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। इसके लिए व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया जाए।

निरीक्षण के अंत में डॉ. सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगले निरीक्षण से पहले सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण ये प्रयास विफल हो सकते हैं।

डॉ. सिंह ने अस्पताल प्रशासन को सख्त हिदायत दी कि उन्हें केवल खानापूर्ति के बजाय आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि मॉडल अस्पताल को महिलाओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनना होगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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