Home इस्लामपुर डैकती कांड का उद्भेदन: पांच जिलों के कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

डैकती कांड का उद्भेदन: पांच जिलों के कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

Dacoity case solved: Notorious criminals from five districts arrested

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर नगर परिषद के उत्तरी पटेलनगर मुहल्ले में 29 जुलाई की रात एक सनसनीखेज डैकती की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। सात-आठ की संख्या में हथियारबंद डकैतों ने मनोज कुमार के घर पर धावा बोलकर गृहस्वामी और उनके परिजनों को बंधक बना लिया। डकैतों ने मारपीट कर परिजनों को घायल किया और नकद 20000 रुपये, मोबाइल फोन समेत अन्य कीमती सामान लूट लिया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।

हिलसा डीएसपी-2 कुमार ऋषिराज के नेतृत्व में इस मामले के उद्भेदन के लिए विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। डीएसपी ने बताया कि घटना के बाद इस्लामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर अपराधियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए जहानाबाद जिले के कोहरा गांव में छापेमारी की। जहां से मुख्य आरोपी उपेंद्र पंडित पिता गौरव पंडित को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार उपेंद्र पंडित नालंदा, पटना, गया, अरवल और जहानाबाद जिलों में कई आपराधिक मामलों में वांछित है। यह कुख्यात अपराधी डैकती, चोरी और अन्य संगीन अपराधों में लिप्त रहा है। पुलिस ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से कई अन्य लंबित मामलों के खुलासे की संभावना बढ़ गई है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने डैकती में इस्तेमाल किए गए टाटा सूमो वाहन को बरामद किया। इसके साथ ही चोरी का आधार कार्ड, दो जोड़ी दस्ताने, तीन टेप बंडल, एक लोहे की खंती और आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। ये सभी सामान डैकती की घटना को अंजाम देने में उपयोग किए गए थे।

उपेंद्र पंडित की निशानदेही पर पुलिस ने इस डैकती में शामिल अन्य अपराधियों को पकड़ने के लिए व्यापक छापेमारी शुरू कर दी है। डीएसपी कुमार ऋषिराज ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस सफल ऑपरेशन में पुलिस इंस्पेक्टर संजय पासवान, इस्लामपुर थानाध्यक्ष अनील कुमार पांडेय, पुनि अनिल कुमार, पीरविगहा ओपी थानाध्यक्ष हरिनंदन कुमार, दारोगा तौकीर खान और डीआईयू शाखा के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी और पारंपरिक अनुसंधान के संयोजन से इस मामले का उद्भेदन संभव हो सका।

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