बेन (नालंदा दर्पण)। बिहार में शराबबंदी हुए भले हीं आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन शराबबंदी की हकीकत (liquor smuggling in Ben) क्या है, ये बताने की जरूरत नहीं है। यहां न शराब पीने वालों की कमी है और न बेचने वालों की। तभी तो शराब का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
बेन थाना इलाके में प्रतिदिन शराब की तस्करी हो रही है। इस शराब की तस्करी के धंधे में पुरुष के साथ लड़कियां भी शामिल हो गई है। जिसे पुलिस प्रशासन भी पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।
जानकारों की मानें तो कई लड़कियां शराब की तस्करी से जुड़ी है। रुपए कमाने के लालच में लड़कियां भी शराब तस्करी के कार्य में लगी है। जानकार यह भी बताते हैं कि बेन गांव सहित आसपास के गांवों में शराब की होम डिलीवरी के कार्य में लड़कियां लगी है।
लड़कियां जिस भेष में शराब की डिलीवरी कर रही है, कोई शक नहीं कर पा रहा। थैले में शराब की पाउचें भरकर प्रतिदिन शराब पहुंचाई जाती है।
यही वजह है कि बेन गांव सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में शराब की बिक्री खूब हो रही है। पुलिस चाहकर भी शराब तस्करी को रोक पाने में विफल साबित हो रही है।
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