विद्यालय अवधि में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर DEO ने दी सख्त चेतावनी

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति और कार्य में लापरवाही को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालय अवधि के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं को अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इसके उल्लंघन पर कठोर विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ, जो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) या बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के रूप में कार्यरत हैं, विद्यालय अवधि में अपने स्कूलों में उपस्थित नहीं रहते। इसके बजाय वे जिला शिक्षा कार्यालय, विभिन्न समारोहों, सभाओं या अन्य औपचारिक-अनौपचारिक कार्यक्रमों में समय बिताते पाए गए हैं। कुछ शिक्षक वेतन भुगतान या अन्य प्रशासनिक कार्यों के बहाने कार्यालयों में चक्कर लगाते हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ न तो अपने स्कूलों में उपस्थित रहते हैं और न ही बीएलओ/बीएलए के रूप में आवंटित कार्यों को पूरा करते हैं। इस तरह की लापरवाही से न केवल शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि विद्यार्थियों का भविष्य भी दांव पर लग रहा है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे विद्यालय अवधि में अपने कार्यस्थल पर ही रहें और अपने कर्तव्यों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करें। सभी प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि कोई भी शिक्षक-शिक्षिका विद्यालय अवधि में उपस्थिति दर्ज करने के बाद स्कूल से बाहर न जाए। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित शिक्षक-शिक्षिका के साथ-साथ प्रधानाध्यापक भी इसके लिए जिम्मेदार माने जाएँगे और उनके खिलाफ संगत नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों के वेतन भुगतान या अन्य कार्यों से संबंधित आवेदनों को समेकित कर जिला शिक्षा कार्यालय के विपत्र कोषांग में जमा कराएं। साथ ही प्रत्येक माह की 25 तारीख तक वेतन विपत्र कोषांग में जमा कराना सुनिश्चित करें। ताकि शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके और वे निर्बाध रूप से शिक्षण कार्य में ध्यान दे सकें।

इसके अलावा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बीएलओ/बीएलए के रूप में कार्यरत शिक्षक अपने कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहकर आवंटित कार्यों को पूरा करें। यदि कोई शिक्षक विद्यालय अवधि या कार्य अवधि के दौरान अन्यत्र पाया जाता है, तो उनके खिलाफ लापरवाही के आरोप में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके लिए शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य के प्रति उनकी निष्ठा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने दायित्वों को गंभीरता से लें और विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता दें।

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