Home स्वास्थ्य नल-जल पाइपलाइन से गाँव में फैला डायरिया, अबतक 90 आक्रांत

नल-जल पाइपलाइन से गाँव में फैला डायरिया, अबतक 90 आक्रांत

Diarrhea spread in the village through tap-water pipeline, 90 affected so far
Diarrhea spread in the village through tap-water pipeline, 90 affected so far

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के इस्लामपुर प्रखंड अंतर्गत बालमत बिगहा गांव में पिछले छह दिनों से डायरिया की बीमारी ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। रविवार से शुरू हुए इस प्रकोप ने अब तक 90 लोगों को अपनी चपेट में लिया है, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हैं। गांव में फैली गंदगी और नल-जल पाइपलाइन के रिसाव को इस बीमारी का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को डायरिया के पहले मामले सामने आए। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बाद मंगलवार को मेडिकल टीम गांव पहुंची। टीम ने पीड़ितों का इलाज शुरू किया और दवाइयां वितरित कीं, लेकिन बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही।

संजू केवट, बैजनाथी केवट, रामजी साव, विनोद कुमार और रंजू देवी जैसे कई ग्रामीण इस बीमारी से जूझ रहे हैं। कुछ गंभीर मरीजों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है।

एक ग्रामीण रामजी साव ने बताया कि पानी की पाइपलाइन में रिसाव है, जिसके कारण गंदा पानी घरों में आ रहा है। गंदगी और पानी की वजह से यह बीमारी फैल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मेडिकल टीम दिन में 9 बजे आती है और शाम को चली जाती है, जिसके कारण रात में परेशानी बढ़ जाती है।

चिकित्सा प्रभारी डॉ. सत्यम प्रकाश ने बताया कि मेडिकल टीम गांव में कैंप लगाकर सभी जरूरी दवाइयों के साथ काम कर रही है। जो मरीज चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उनका इलाज गांव में ही किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को अस्पताल भेजा गया है। शुक्रवार को छह मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मेडिकल टीम देवी स्थान के पास पेड़ के नीचे या बारिश होने पर यात्री शेड में बैठकर इलाज करती है। गांव में गलियों और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल पाइपलाइन के रिसाव को ठीक करने और गंदगी को पूरी तरह हटाने के लिए अभी और प्रयास की जरूरत है। यह चिंता का विषय है कि गांव में स्वच्छता और पानी की समस्या इतनी गंभीर है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नल-जल पाइपलाइन के रिसाव और गांव में फैली गंदगी इस बीमारी के फैलने का प्रमुख कारण है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन की मरम्मत और नियमित सफाई पर ध्यान दिया जाए। साथ ही लोगों को स्वच्छ पानी और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।

बालमत बिगहा में डायरिया का यह प्रकोप न केवल स्वास्थ्य संकट है, बल्कि गांव की आधारभूत समस्याओं को उजागर करता है। क्या प्रशासन और समुदाय मिलकर इस चुनौती से निपट पाएंगे? यह सवाल अब भी अनुत्तरित है।

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