हिलसा में 1.69 करोड़ की लागत से बनेगा सम्राट अशोक भवन

हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा शहर में जल्द ही एक भव्य और आधुनिक सम्राट अशोक भवन का निर्माण शुरू होने जा रहा है, जिसकी कुल लागत 1.69 करोड़ रुपये होगी। यह भवन नगर परिषद द्वारा शहर के वार्ड संख्या-5 में निर्मित किया जाएगा। इस परियोजना की नींव रखने के लिए एसडीओ प्रवीण कुमार, डीसीएलआर राजन कुमार, मुख्य पार्षद धनंजय कुमार और कार्यपालक पदाधिकारी रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में विधिवत भूमि पूजन किया गया।

अधिकारियों के अनुसार सम्राट अशोक भवन के निर्माण के बाद हिलसा में विभागीय और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक उच्च स्तरीय सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। भवन का निर्माण कार्य जल्द ही प्रारंभ होने वाला है, जो शहरवासियों को न केवल सरकारी बल्कि आम कार्यक्रमों के आयोजन में भी सहूलियत प्रदान करेगा।

इस भवन का निर्माण 11 डिसमिल जमीन पर होगा। जिसमें 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाले सभागार के साथ अन्य सुविधाएं भी शामिल होंगी। भवन दो मंजिला होगा। जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर एक बड़ा सभा कक्ष, वेटिंग हॉल, पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और एक गार्ड रूम होगा। वहीं पहले और दूसरे तल पर गेस्ट रूम्स बनाए जाएंगे। ताकि बाहर से आने वाले अतिथियों के ठहरने की भी उचित व्यवस्था हो सके।

बता दें कि हिलसा अनुमंडल मुख्यालय होने के बावजूद यहां पर कोई बड़ा सरकारी या सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं था। लोगों को लंबे समय से एक ऐसे सभागार की आवश्यकता थी, जहाँ बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। वर्तमान में 100-200 लोगों के बैठने की भी बेहतर व्यवस्था हिलसा में नहीं है। जिससे यहां के निवासियों को आयोजन के लिए अन्य विकल्पों की तलाश करनी पड़ती थी।

सम्राट अशोक भवन में राजनीतिक और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। भवन को वातानुकूलित और सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। जिसमें स्टेज के साथ आकर्षक डेकोर, कुर्सी-डेस्क की व्यवस्था, रसोई घर, पेयजल और बिजली की पूरी सुविधाएं शामिल होंगी।

नगर परिषद प्रशासन द्वारा भवन के आवंटन के लिए शुल्क तय किया जाएगा। ताकि इसका सही प्रबंधन और देखरेख हो सके। इसके अलावा इसका निर्माण न केवल सरकारी बल्कि आम लोगों के निजी कार्यक्रमों के लिए भी एक महत्वपूर्ण साधन बनेगा।

अब सम्राट अशोक भवन के निर्माण के बाद हिलसा में सरकारी और सामाजिक कार्यों के आयोजन की कमी पूरी हो जाएगी, जो शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। भवन के बनने से हिलसा का सामाजिक और सांस्कृतिक विकास भी और अधिक मजबूत होगा और यह शहर के प्रगतिशील विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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