
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित नव चयनित सिपाहियों को रि-मेडिकल टेस्ट के जरिए फिट कराने का झांसा देकर रिश्वत लेने वाले चार पुलिसकर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से अभ्यर्थियों से उगाही गई राशि भी बरामद की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (एसपी) शुभम आर्य के निर्देश पर की गई। गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में पीटीसी आदित्य कुमार सहित तीन अन्य सिपाही शामिल हैं। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुफस्सिल थाना में चारों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि रि-मेडिकल टेस्ट में अयोग्य सिपाहियों से रिश्वत लेने की सूचना मिलने के बाद इस मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके लिए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी।
जांच टीम ने बारीकी से जांच की, जिसमें आरोप सत्य पाए गए। पूछताछ के दौरान चारों पुलिसकर्मियों ने अवैध तरीके से राशि उगाही करने की बात स्वीकार की।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी से मेडिकल फिटनेस के नाम पर 10,000 रुपये की मांग की गई थी। कुल मिलाकर 3.50 लाख रुपये नकद और 1.60 लाख रुपये ऑनलाइन लिए गए थे। पुलिस ने इस उगाही की कुल 5.10 लाख रुपये की राशि जब्त कर ली है।
एसपी शुभम आर्य ने पुलिस महकमे के कर्मियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी इस तरह के कृत्यों में लिप्त पाया जाएगा। उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने नालंदा जिले में पुलिस विभाग के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं।