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नालंदा पर आफत बनी झारखंड की बारिश, कई प्रखंडों में नदी तटबंध टूटे

Jharkhand's rain became a disaster for Nalanda, river embankments broke in many blocks
Jharkhand's rain became a disaster for Nalanda, river embankments broke in many blocks

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। झारखंड में भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में उछाल आया है, जिसके परिणामस्वरूप उदेरा स्थान बराज से लगभग 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस स्थिति ने नालंदा जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।

नालंदा जिला प्रशासन ने बाढ़ आपदा प्रबंधन के तहत त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर सभी संबंधित अंचलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में माइकिंग के जरिए लोगों को बाढ़ से बचाव के लिए जागरूक करने का अभियान चलाया है।

लोकाईन, जीराईन, सकरी और कुम्भरी नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 16 जुलाई  की रात और 17 जुलाई  को हिलसा, एकंगरसराय, करायपरसुराय, अस्थावां और बिन्द अंचलों के अंतर्गत कुल 10 गांवों कोरथू, लालाबिगहा, धूरीबिगहा, गुलडिया बिगहा, सदरपुर, बरहोग, गोविन्दपुर, जैतीपुर, मोहद्दीपुर और रसलपुर में नदी के तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ से अब तक लगभग 3,500 लोग और 560 पशुधन प्रभावित हुए हैं।

प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। अब तक 2 सामुदायिक रसोई शुरू की गई हैं, जो प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही हैं। 150 पॉलीथीन शीट्स और 955 सूखा राशन पैकेट प्रभावित परिवारों में वितरित किए गए हैं।

वहीं 214.04 क्विंटल पशुचारा पशु मालिकों को प्रदान किया गया है। पशु चिकित्सा शिविरों में पशुओं का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित मेडिकल कैंपों में मरीजों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।

कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, बिहारशरीफ, एकंगरसराय और बख्तियारपुर को जमींदारी बांध और तटबंधों की मरम्मत के लिए निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त मात्रा में श्रमिकों और एनसी बैग की सहायता से मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी जिले वासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारी टीमें पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन नागरिकों का सहयोग और सतर्कता इस आपदा से निपटने में महत्वपूर्ण है।

नालंदा जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।

बहरहाल, बाढ़ के इस दौर में नालंदा प्रशासन और स्थानीय समुदाय मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। जैसे-जैसे मौसम की स्थिति और बाढ़ का प्रभाव बदल रहा है, प्रशासन की ओर से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।

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