“यह तरीका दर्शाता है कि अवैध कारोबारी अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर तकनीकी स्तर पर भी खुद को मजबूत कर रहे हैं…
मानपुर (नालंदा दर्पण/विशाल)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के बावजूद अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में नालंदा जिले में मद्यनिषेध विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
15 अप्रैल 2026 को मद्यनिषेध विभाग की टीम ने मानपुर थाना क्षेत्र के सर्वहदी और इटौरा गांव की सीमा पर कुम्हरी नदी के किनारे संचालित एक अवैध मिनी शराब फैक्ट्री पर छापेमारी की। यह फैक्ट्री सुनसान इलाके में चुपके से चलाई जा रही थी, जहां नकली शराब तैयार कर उसे असली ब्रांड के रूप में बाजार में खपाने की साजिश रची जा रही थी।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद? छापेमारी के दौरान टीम को मौके से भारी मात्रा में अवैध सामग्री मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं बल्कि सुनियोजित अवैध उद्योग था।
- 141 लीटर नकली शराब
- 140 लीटर स्पिरिट
- 50 लीटर तैयार शराब
- दो मिनी बॉटलिंग मशीनें
- एक कैपिंग मशीन
- नकली होलोग्राम और स्टिकर
- बड़ी संख्या में खाली बोतलें
इन उपकरणों से यह संकेत मिलता है कि शराब को पैकेजिंग के बाद हूबहू असली ब्रांड जैसा बनाकर बाजार में बेचा जा रहा था।
हाइड्रोमीटर से ‘क्वालिटी कंट्रोल’, ताकि दिखे असली जैसाः जांच में यह भी सामने आया कि शराब माफिया तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे थे। वे हाइड्रोमीटर की मदद से शराब के मिश्रण का घनत्व मापते थे, ताकि नकली शराब का स्वाद और प्रभाव असली के करीब लगे। यह तरीका दर्शाता है कि अवैध कारोबारी अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर तकनीकी स्तर पर भी खुद को मजबूत कर रहे हैं।
नकली शराब जानलेवाः विशेषज्ञों के अनुसार नकली या स्प्यूरियस शराब में अक्सर मेथनॉल जैसे जहरीले रसायन मिलाए जाते हैं। इसका सेवन करने से आंखों की रोशनी जा सकती है। किडनी और लीवर पर गंभीर असर पड़ता है। कई मामलों में मृत्यु तक हो जाती है। इसलिए प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
सूचना दें, पहचान छिपी रहेगीः यदि आपके आसपास कहीं अवैध शराब निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो आप बिहार मद्यनिषेध विभाग के टोल-फ्री नंबर 15545 या 18003456268 पर सूचना दे सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
जांच जारी, गिरफ्तारी की कार्रवाई तेजः मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में शामिल तस्करों की पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज की जाएगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
