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शिक्षक और नर्स की नौकरी लगाने वाला नालंदा का सरगना पटना में गिरफ्तार

Nalanda's gang leader who used to arrange jobs for teachers and nurses arrested in Patna

हिलसा (नालंदा दर्पण)। पटना की जक्कनपुर पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई में शिक्षक और नर्स की नौकरी लगाने वाले दो कुख्यात सरगना को गिरफ्तार किया है। नालंदा के बेन थाने के भगवानपुर निवासी अजय कुमार सिन्हा और समस्तीपुर के सरायरंजन निवासी उदय कुमार झा उर्फ अविनाश को मीठापुर के माधव इंटरनेशनल होटल से पकड़ा गया। इनके कब्जे से 23 अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, कई बैंकों के ब्लैंक और भरे हुए चेक बरामद किए गए, जिनमें कुछ चेक 14 लाख से 18 लाख रुपये तक के भरे हुए थे।

पुलिस के अनुसार, दोनों माफिया शिक्षक और नर्स भर्ती परीक्षाओं में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से भारी रकम और दस्तावेज वसूल रहे थे। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने करीब 10 अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति 2 लाख रुपये की ठगी की है।

इतना ही नहीं इनका गिरोह परीक्षा केंद्रों पर सेटिंग कर अभ्यर्थियों को नकल कराने और पास कराने का काम करता था। पुलिस को इस गिरोह के चार-पांच अन्य सदस्यों की जानकारी भी मिली है, जिनकी तलाश जारी है। साथ ही जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज और चेक बरामद हुए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

दरअसल, यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब जक्कनपुर पुलिस एक गुमशुदा युवती की तलाश में माधव इंटरनेशनल होटल पहुंची थी। वहां एक कमरे में अजय कुमार सिन्हा के पास से संदिग्ध दस्तावेज और चेक मिले। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ की।

अजय ने खुलासा किया कि ये दस्तावेज उसे समस्तीपुर के उदय कुमार झा ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उदय की तलाश शुरू की। उदय को जब पता चला कि पुलिस उसका पीछा कर रही है तो उसने अपना मोबाइल और लैपटॉप नदी में फेंक दिया और फरार होने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

अजय कुमार सिन्हा का अपराध जगत में पुराना रिकॉर्ड है। वर्ष 2015 में गांधी मैदान थाने की पुलिस ने उसे परीक्षा में धांधली के आरोप में जेल भेजा था। उससे पहले 2011 में नालंदा के परवलपुर थाने से भी वह जेल जा चुका है।

इतना ही नहीं परीक्षाओं में धांधली के कारण उसे हाईस्कूल के शिक्षक पद से भी बर्खास्त किया गया था। पुलिस के मुताबिक अजय और उदय 2010 से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और ठगी का धंधा चला रहे हैं।

पूछताछ में दोनों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे टीचर रिक्रूटमेंट एग्जाम (टीआरई) और टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) में भूषण, बॉबी और एक महिला के माध्यम से सेटिंग करते थे।

दोनों ने दावा किया कि उन्होंने कई अभ्यर्थियों को टीईटी में पास कराया और इसके लिए 18 लाख रुपये वसूले। उनके पास से बीपीएससी इंजीनियरिंग, टीआरई, टीईटी और अन्य इंजीनियरिंग परीक्षाओं के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार दोनों अभ्यर्थियों से 2-3 लाख रुपये एडवांस लेते थे और उनके शैक्षणिक दस्तावेज अपने पास रख लेते थे। परीक्षा में सफल होने के बाद जब अभ्यर्थी पूरी रकम चुका देता था, तभी उसके मूल दस्तावेज लौटाए जाते थे। इस पूरे खेल में उनका गिरोह व्यवस्थित तरीके से काम करता था, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं।

सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार के अनुसार दोनों माफिया लंबे समय से परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से बरामद दस्तावेजों और चेकों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। साथ ही उन अभ्यर्थियों से भी पूछताछ होगी जिनके दस्तावेज बरामद हुए हैं।

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