Home आवागमन पटना मेट्रो ट्रेन: ₹15 से शुरू होगा एक स्टेशन का किराया

पटना मेट्रो ट्रेन: ₹15 से शुरू होगा एक स्टेशन का किराया

Patna Metro Train: Fare for one station will start from Rs 15

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में जल्द ही मेट्रो की सवारी का सपना हकीकत में बदलने वाला है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने शहर के पहले मेट्रो कॉरिडोर, रेड लाइन के लिए किराए की संरचना तय कर ली है। इस 6.107 किलोमीटर लंबे प्राथमिक कॉरिडोर में न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (आईएसबीटी), जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकरी स्टेशन शामिल हैं।

क्या यह नया परिवहन साधन पटना के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाएगा? आइए, इस परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर नजर डालें।

पटना मेट्रो की रेड लाइन पर यात्रा करने के लिए न्यूनतम किराया 15 रुपये निर्धारित किया गया है, जो एक स्टेशन से अगले स्टेशन तक की यात्रा के लिए होगा। यदि आप रेड लाइन के एक छोर से दूसरे छोर तक जाना चाहते हैं तो अधिकतम 30 रुपये का किराया देना होगा। यह किराया संरचना दिल्ली मेट्रो और अन्य शहरों की मेट्रो सेवाओं की तुलना में काफी किफायती मानी जा रही है।

रेड लाइन का प्राथमिक कॉरिडोर पांच प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगा, जो पटना के व्यस्त इलाकों को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्टेशनों के बीच की दूरी इस मलाही पकरी से खेमनीचक तक 1516.844 मीटर, खेमनीचक से भूतनाथ तक 1016.023 मीटर, भूतनाथ से जीरो माइल तक 1317.451 मीटर, जीरो माइल से न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (आईएसबीटी) तक 1437.573 मीटर हैं।

इन स्टेशनों की रणनीतिक स्थिति शहर के प्रमुख केंद्रों को जोड़ती है। उदाहरण के लिए न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण हब है, जबकि जीरो माइल और भूतनाथ जैसे इलाके व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं।

पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पांच स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनें स्थापित करने का फैसला किया है। इन मशीनों की लागत 2.89 करोड़ रुपये होगी और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। ये मशीनें न केवल नकद भुगतान स्वीकार करेंगी, बल्कि क्यूआर कोड, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए भी टिकट खरीदने की सुविधा देंगी। यह आधुनिक तकनीक यात्रियों के लिए समय और मेहनत दोनों बचाएगी।

पटना मेट्रो का रेड लाइन कॉरिडोर शहर के परिवहन ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में पहला कदम है। यह न केवल ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद करेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा देगा। हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार अभी बाकी है, जिसके बाद इस परियोजना की और जानकारी सामने आएगी।

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