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पाइप बिछाने के दौरान पीएचईडी विभाग ने गली को कोड़कर छोड़ा, बढ़ी परेशानी

बेन (नालंदा दर्पण)। एक तरफ सरकार हर गांव में पंचायत स्तर पर सभी गली को पक्की कर दी है। एवं पानी निकासी को लेकर गली-नली बनवाने में करोड़ों रुपए खर्च कर दी है। वहीं सरकार के हीं योजना हर घर नल-जल को लेकर पीएचईडी विभाग नवनिर्मित गलियों को तोड़कर छोड़ दिया जा रहा है।

अब ऐसे में ग्रामीण हीं सवाल कर रही है कि आखिर जब गली को छोड़ना हीं था तो पहले पाइप बिछाकर हीं गली ढलवाने का काम करना चाहिए था। पाइप को बिछाने के लिए नवनिर्मित पक्की पीसीसी ढलाई गली को तोड़कर उसे तहस-नहस कर दिया जाता है।

अभी प्रखंड क्षेत्र के गांवों में नल-जल के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन कई जगहों पर लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। पाइप लाइन बिछाने के दौरान पक्की गलियों को तोड़कर पाइप डाला गया है जिसके बाद दोबारा ढलाई नहीं की गई है। जिससे लोगों को पैदल जाना भी दूभर साबित हो रहा है।

प्रखंड के एकसारा पंचायत के को बनाया गांव निवासी उपेंद्र कुमार, राजेश कुमार, अवधेश कुमार, फुनटुन कुमार, सतीश कुमार, सतेन्द्र कुमार आदि ने बताया कि उनके मोहल्ले में पीसीसी गली की नल-जल योजना का पाइप बिछाने में तोड़कर महीनों से छोड़ दिया है, जिससे लोगों को पैदल आने-जाने में भी कठिनाई हो रही है।

उन्होंने बताया कि नल जल योजना का जो पाइप बिछाई गई है, वह भी लीकेज है। इससे पाइप से निकलने वाला पानी घरों में पहुंचने के बजाय बाहर हीं रह जाता है। वहीं लोगों को आने-जाने में भी कठिनाई होती है। इसी प्रकार के मामले प्रखंड के कई अन्य गांवों में भी आए दिन देखने सुनने को मिल रहे हैं।

पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नीरज प्रसाद ने बताया कि पीसीसी को तोड़कर जो पाइप लाइन बिछाया जा रहा है और उसे बिना ढलाई किए हीं छोड़ दिया जा रहा है। जिससे गांव वासियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं जेई मिन्टू कुमाक का कहना है कि पाइप लाइन बिछाने का कार्य समाप्त होने पर तोड़े गए पीसीसी ढलाई सड़क को ढलाई करा दिया जाएगा।

समाचार स्रोतः नालंदा दर्पण डेस्क / रामावतार कुमार

मुकेश भारतीय

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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