खोज-खबर
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खेत में उग रही है सेहत की नई फसल, चना छोड़ चिया की ओर बढ़े किसान!
इस्लामपुर स्थित अनुसंधान केंद्र में औषधीय एवं उपयोगी पौधों पर हो रहे अध्ययन के बीच चिया सीड की खेती पर बढ़ती चर्चा यह संकेत देती है कि आने वाले समय में पोषण आधारित फसलों के लिए किसानों और बाजार के बीच नए अवसर विकसित हो सकते हैं… इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। बदलते…
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करी पत्ता सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का खजाना भी! जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे
नालंदा दर्पण डेस्क। भारतीय रसोई में तड़के की खुशबू बढ़ाने वाला करी पत्ता यानी कड़ी पत्ता केवल भोजन का स्वाद और सुगंध बढ़ाने वाली चीज नहीं है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों से लेकर दाल, चटनी और सब्जियों तक इसका इस्तेमाल आम है। इसकी पत्तियों में कई तरह के पौध-आधारित यौगिक और पोषक…
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लोदीपुर में ‘विकास’ की खुदाई! 5.60 लाख की नाली योजना में अनियमितता, हो जांच
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। गांवों के विकास के नाम पर योजनाएं बनती हैं, प्राक्कलन तैयार होता है, सरकारी धन स्वीकृत होता है और फिर शुरू होता है ‘विकास का अपना देसी मॉडल’। नतीजा यह कि जिस रास्ते से ग्रामीणों को चलना था, वही रास्ता महीनों तक जेसीबी की खुदाई के बाद जंगल…
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2 करोड़ की उड़ाही के बाद भी सूखा जलाशय, आधे तालाब की खुदाई में पूरी हुई योजना?
राजगीर (नालंदा दर्पण)। सरकारी योजनाओं में अक्सर एक सवाल पूछा जाता है कि काम कितना हुआ? मेयार गांव का जलाशय शायद इससे थोड़ा अलग सवाल पूछ रहा है कि काम हुआ भी कितना? राजगीर प्रखंड के मेयार गांव में 14.87 एकड़ में फैला जलाशय किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत…
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नगरनौसा में मौत का रास्ता बना जुगाड़ पुल, सांसद-विधायक को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। विकास के तमाम दावों के बीच नगरनौसा प्रखंड की कछियावा पंचायत का कछियावा गांव आज भी एक ऐसे पुल का इंतजार कर रहा है, जिसका वादा पिछले करीब तीन दशकों से लगातार किया जाता रहा है। डोढ़ नदी पर स्थायी पुल नहीं बनने के कारण लगभग 5,500 की…
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राजगीर में सर्पाकार पर्वत की खोज का दावा: क्या यह दुनिया का सबसे बड़ा मानव-निर्मित नाग है?
राजगीर (नालंदा दर्पण)। पांच पहाड़ियों से घिरा प्राचीन राजगृह (वर्तमान राजगीर) एक बार फिर इतिहास और पुरातत्व की दुनिया में चर्चा का केंद्र बन गया है। हालिया शोध में जुटी एक टीम ने दावा किया है कि यहां वैभारगिरि के समीप एक विशाल सर्पाकृति चट्टान की पहचान की गई है, जो…
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जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, कभी जमीदेंज भी हो सकता है यह सरकारी स्कूल
नालंदा दर्पण डेस्क। इस्लामपुर प्रखंड के ढेकवाहा पंचायत अंतर्गत कस्तूरी बिगहा गांव का प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है। बावजूद इसके 85 छात्र-छात्राएं अपनी जान जोखिम में डालकर इसी भवन के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में कुल दो कमरे…
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पावाडीह सूर्यस्थल की प्राचीनता पर ASI की मुहर, कार्बन डेटिंग से खुलेगा रहस्य
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के पावाडीह गांव में स्थित प्राचीन सूर्यस्थल अब इतिहास के पन्नों में और भी मजबूती से दर्ज होने जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पटना अंचल की टीम ने इस सूर्यस्थल का गहन निरीक्षण कर इसकी ऐतिहासिक महत्ता पर मुहर लगा दी है। अधीक्षण पुरातत्वविद्…
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पंचाने नदी तट पर मिली प्राचीन सूर्य प्रतिमा, सात घोड़ों की आकृति से बढ़ी ऐतिहासिक जिज्ञासा
नालंदा दर्पण डेस्क। राजगीर नगर के समीप पावाडीह गांव स्थित पंचाने नदी तट पर भगवान सूर्य की अति प्राचीन प्रतिमा मिलने से पूरे क्षेत्र में उत्साह और आस्था का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रतिमा सूर्यपीठ बड़गांव सूर्य मंदिर में स्थापित सूर्य प्रतिमा से काफी हद तक…
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मुहाने नदी: सरकारी सड़ांध का पर्याय बनी इस्लामपुर-चंडी की जीवन रेखा
नालंदा दर्पण डेस्क। तमाम सरकारों की कालिख अपने दामन में समेटे मुहाने नदी आज मरणासन्न अवस्था में पड़ी है। यह वही नदी है जो कभी जीवन देती थी, आज वही नदी मृत्यु दायिनी बनती जा रही है। क्योंकि नदियां जानती हैं उनके मरने के बाद सभ्यताओं के मरने की बारी आती…









