खोज-खबर
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राजगीर में सर्पाकार पर्वत की खोज का दावा: क्या यह दुनिया का सबसे बड़ा मानव-निर्मित नाग है?
राजगीर (नालंदा दर्पण)। पांच पहाड़ियों से घिरा प्राचीन राजगृह (वर्तमान राजगीर) एक बार फिर इतिहास और पुरातत्व की दुनिया में चर्चा का केंद्र बन गया है। हालिया शोध में जुटी एक टीम ने दावा किया है कि यहां वैभारगिरि के समीप एक विशाल सर्पाकृति चट्टान की पहचान की गई है, जो…
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जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, कभी जमीदेंज भी हो सकता है यह सरकारी स्कूल
नालंदा दर्पण डेस्क। इस्लामपुर प्रखंड के ढेकवाहा पंचायत अंतर्गत कस्तूरी बिगहा गांव का प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है। बावजूद इसके 85 छात्र-छात्राएं अपनी जान जोखिम में डालकर इसी भवन के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में कुल दो कमरे…
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पावाडीह सूर्यस्थल की प्राचीनता पर ASI की मुहर, कार्बन डेटिंग से खुलेगा रहस्य
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के पावाडीह गांव में स्थित प्राचीन सूर्यस्थल अब इतिहास के पन्नों में और भी मजबूती से दर्ज होने जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पटना अंचल की टीम ने इस सूर्यस्थल का गहन निरीक्षण कर इसकी ऐतिहासिक महत्ता पर मुहर लगा दी है। अधीक्षण पुरातत्वविद्…
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पंचाने नदी तट पर मिली प्राचीन सूर्य प्रतिमा, सात घोड़ों की आकृति से बढ़ी ऐतिहासिक जिज्ञासा
नालंदा दर्पण डेस्क। राजगीर नगर के समीप पावाडीह गांव स्थित पंचाने नदी तट पर भगवान सूर्य की अति प्राचीन प्रतिमा मिलने से पूरे क्षेत्र में उत्साह और आस्था का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रतिमा सूर्यपीठ बड़गांव सूर्य मंदिर में स्थापित सूर्य प्रतिमा से काफी हद तक…
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मुहाने नदी: सरकारी सड़ांध का पर्याय बनी इस्लामपुर-चंडी की जीवन रेखा
नालंदा दर्पण डेस्क। तमाम सरकारों की कालिख अपने दामन में समेटे मुहाने नदी आज मरणासन्न अवस्था में पड़ी है। यह वही नदी है जो कभी जीवन देती थी, आज वही नदी मृत्यु दायिनी बनती जा रही है। क्योंकि नदियां जानती हैं उनके मरने के बाद सभ्यताओं के मरने की बारी आती…
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चंडी में फैलता ‘नशे का डोज’, पुलिस-प्रशासन और समाज के कर्णधार बेखबर
चंडी (नालंदा दर्पण)। कहते हैं कि इतिहास की किताबों में कई पन्ने दर्ज होते हैं, लेकिन कुछ पन्ने स्याही से नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के टूटे हुए सपनों की किरचियों से लिखे जाते हैं। कहने को तो देश में ‘अमृतकाल’ चल रहा है। मतलब अमृत काल का नशा। लेकिन रूकिए…
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राजगीर दंगल प्रतियोगिता में दिखी देसी कुश्ती की धमक, मेरठ की तनु और पानीपत के रोहित बने चैंपियन
राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर मकर मेला के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता पूरे उत्साह, रोमांच और खेल भावना के साथ संपन्न हो गई। इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ मकर मेला की रौनक को दोगुना किया, बल्कि पारंपरिक भारतीय कुश्ती को भी नई ऊर्जा और पहचान दी।…
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चिया सीड बना किसानों की नई उम्मीद, इस्लामपुर में चल रहा वैज्ञानिक परीक्षण
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। बदलते समय के साथ खेती भी अब परंपरागत फसलों से आगे बढ़कर औषधीय और सुपरफूड की ओर कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में मगही पान अनुसंधान केंद्र, मेडिसिन प्लांट इस्लामपुर में इन दिनों चिया सीड्स जैसे औषधीय गुणों वाले पौधे पर वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है।…
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बदहाली का प्रतीक बना 50 लाख का सामाजिक उत्थान पार्क, 21 फरवरी को CM ने किया था उद्घाटन
सिलाव (नालंदा दर्पण)। ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक बनने वाला नानंद गांव का सामाजिक उत्थान पार्क आज बदहाली की कहानी कह रहा है। मनरेगा योजना के तहत करीब 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह पार्क महज एक साल के भीतर ही उपेक्षा और लापरवाही का शिकार हो…
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उपेक्षा की मार झेलता अजातशत्रु स्तूप, धूमिल होती मगध की अमूल्य धरोहर
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बौद्ध इतिहास और प्राचीन भारतीय सभ्यता की गौरवगाथा अपने भीतर समेटे ऐतिहासिक अजातशत्रु स्तूप आज घोर विभागीय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। मगध सम्राट अजातशत्रु की राजधानी रहे राजगीर में स्थित यह स्तूप उनके अस्थि कलश पर निर्मित बताया जाता है, जिसे बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत…









