नूरसराय में PMCH की GNM की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)।  नूरसराय थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद के चलते एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 60 वर्षीय महिला सुशीला देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका सुशीला देवी पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) में जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) के पद पर कार्यरत थीं। यह घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के डोईया गांव में हुई, जहां सुशीला देवी का अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना उस समय हुई जब सुशीला देवी सुबह अपने खेत पर गई थीं। पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

बताया जाता है कि गोली उनके सिर में मारी गई। मृतका के पति सुनील प्रसाद की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और वह अपने परिवार के साथ अकेले ही इस विवाद का सामना कर रही थीं।

मृतका की बहू ने बताया कि सुशीला देवी का गोतिया के लोगों के साथ करीब चार बीघा जमीन को लेकर विवाद था। आज सुबह वह खेत देखने गई थीं, क्योंकि उनकी आज रात पीएमसीएच में ड्यूटी थी। उसी दौरान रिश्तेदारों ने उन पर हमला कर दिया और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

घटना की सूचना मिलते ही नूरसराय थाना पुलिस और डीएसपी संजय कुमार जायसवाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की जांच की जा रही है।

डीएसपी जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हत्या का कारण जमीनी विवाद है। मृतका के पुत्र के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, और आरोपियों की तलाश जारी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। बताया जाता है कि उसने पहले अपने पिता और पत्नी की भी हत्या की थी। इस तरह की पृष्ठभूमि वाले आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं, और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।

फिलहाल सुशीला देवी के परिवार में इस घटना के बाद शोक की लहर है। उनके परिजनों ने बताया कि वह एक मेहनती और समर्पित नर्स थीं, जो रोजाना पटना जाकर अपनी ड्यूटी निभाती थीं। उनकी हत्या ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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