CM नीतीश के गांव में घुसने से रोका तो सरकार पर जमकर बरसे प्रशांत किशोर,कहा…

अगली बार वोट किसी नेता के चेहरे पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को देखकर दीजिए। लालू, नीतीश और मोदी  इन सबके नाम पर आपने बहुत बार वोट दिया, लेकिन अब अपने बच्चों के चेहरे को देखकर वोट दीजिए...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा के बिहारशरीफ में जन सुराज यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा और करारा हमला बोला। श्रम कल्याण केंद्र मैदान में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित विकास की हकीकत सामने न आ जाए, इसलिए प्रशासन ने उन्हें खुद मुख्यमंत्री के गांव कल्याण बिगहा में प्रवेश करने से रोक दिया।

Prashant Kishor lashed out at the government when he was stopped from entering CM Nitish’s village, said…

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार के राज में चारों ओर विकास का डंका पीटा जा रहा है, लेकिन जब हम उसी विकास को देखने उनके गांव जा रहे थे तो हमें घुसने नहीं दिया गया। पुलिस ने हमें रास्ते में ही रोक दिया। ये इस बात का प्रमाण है कि नीतीश कुमार को डर था कि उनके गांव की सच्चाई अगर सामने आ गई तो उनके विकास के दावों की पोल खुल जाएगी।

जनसभा में प्रशांत किशोर ने बिहार की भ्रष्ट व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में राशन कार्ड बनवाने से लेकर ज़मीन की रसीद कटवाने तक के लिए अधिकारी और नेता रिश्वत मांगते हैं। आम आदमी त्रस्त है, लेकिन सरकार मस्त है।

उन्होंने जनता से अपील की कि अगली बार वोट किसी नेता के चेहरे पर नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को देखकर दीजिए। उन्होंने कहा कि लालू, नीतीश और मोदी  इन सबके नाम पर आपने बहुत बार वोट दिया, लेकिन अब वक्त है बदलाव का। अगली बार अपने बच्चों के चेहरे को देखकर वोट दीजिए और बिहार में जनता का राज स्थापित कीजिए।

प्रशांत किशोर ने बताया कि वे नालंदा में अपने बदलाव का हस्ताक्षर अभियान के तहत पहुंचे थे। इस अभियान का मकसद है लोगों को एकजुट कर भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरूकता पैदा करना। कल्याण बिगहा में रोके जाने के बाद वे सीधे बिहारशरीफ लौटे और यहां जनता को संबोधित किया।

सभा में जन सुराज से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे। मंच से उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार को एक नई सोच, नई राजनीति और ईमानदार नेतृत्व की ज़रूरत है।

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