Home प्रशासन मलमास मेला से पहले राजगीर में गरज रहा बुलडोजर, अतिक्रमण हटाओ अभियान...

मलमास मेला से पहले राजगीर में गरज रहा बुलडोजर, अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज

Bulldozer Drive in Rajgir Ahead of Malmas Fair; Anti-Encroachment Push Intensifies. Administration launches major anti-encroachment campaign removing illegal stalls and shanties to ease movement for devotees and locals.

Anti-Encroachment Push Intensifies
Bulldozer Drive in Rajgir Ahead of Malmas Fair; Anti-Encroachment Push Intensifies

“हालांकि  मलमास मेला के पहले इस कार्रवाई को लेकर कुछ स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों में नाराजगी भी देखी जा रही है। उनका अतिक्रमण हटाने में एकरूपता नहीं बरती जा रही है। कई स्थानों पर बड़े और स्थायी अतिक्रमण को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि छोटे दुकानदारों और फुटपाथ व्यवसायियों पर ही सख्ती दिखाई जा रही है…

राजगीर (नालंदा दर्पण)। मलमास मेला के आयोजन से पहले प्रशासन ने पर्यटन नगरी राजगीर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की कवायद तेज कर दी है। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद द्वारा तीन दिवसीय विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई, जिसके पहले ही दिन नगर परिषद का बुलडोजर सड़क किनारे लगी दुकानों, ठेले-खोमचों और झुग्गी-झोपड़ियों पर चला।

सिटी मैनेजर सुजीत कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शहर के कई प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मलमास मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है, ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नगर परिषद के अनुसार अभियान के दायरे में ब्रह्मकुंड क्षेत्र, सूर्यकुंड क्षेत्र, गढ़ महादेव मंदिर परिसर, मलमास मेला सैरात भूमि, वीरायतन रोड, वीरायतन गेट, गिरियक रोड चौराहा, पटेल चौक, छबिलापुर मोड़, बिहारशरीफ रोड, स्टेशन मोड़, कुंड रोड, थाना रोड तथा टेलीफोन एक्सचेंज सहित कई स्थान शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से फुटपाथों पर लगाए गए ठेले-खोमचे, अस्थायी झुग्गी-झोपड़ियों और अन्य अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है।

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि अभियान शुरू करने से पहले लगातार तीन दिनों तक माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया गया था और अतिक्रमणकारियों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील की गई थी। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। अभियान के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुलिस बल और दंडाधिकारी की भी तैनाती की गई है।

हालांकि इस कार्रवाई को लेकर कुछ स्थानीय लोगों और प्रभावित दुकानदारों में नाराजगी भी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने में एकरूपता नहीं बरती जा रही है। कई स्थानों पर बड़े और स्थायी अतिक्रमण को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि छोटे दुकानदारों और फुटपाथ व्यवसायियों पर ही सख्ती दिखाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राजगीर थाना के पास, टेलीफोन एक्सचेंज क्षेत्र, मखदूम कुंड रोड, छबिलापुर मोड़ तथा आरडीएच हाई स्कूल के आसपास बड़े पैमाने पर अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण मौजूद है, लेकिन वहां अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उनका कहना है कि मलमास मेला के मद्देनजर शहर में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निष्पक्ष और समान रूप से हो, ताकि शहर की व्यवस्था सुचारू बनी रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वहीं कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अभियान अभी प्रारंभिक चरण में है। आने वाले दिनों में सभी स्थानों पर समान रूप से कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी एजाज आलम, सिटी मैनेजर मुकेश मधुकर और सुजीत कुमार सहित नगर परिषद के कई कर्मी मौजूद रहे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version