Home इस्लामपुर इस्लामपुर में राशन वितरण घोटाला: गरीबों का हक छीनने का आरोप

इस्लामपुर में राशन वितरण घोटाला: गरीबों का हक छीनने का आरोप

Ration distribution scam in Islampur: Accused of snatching the rights of the poor
Ration distribution scam in Islampur: Accused of snatching the rights of the poor

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर प्रखंड के पनहर पंचायत में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि PDS डीलर गीता कुमारी, जोकि नवादा जिले में एक सरकारी कर्मी तौर पर पदास्थापित है, उनके पति द्वारा गरीबों और असहाय परिवारों को कम अनाज दिया जा रहा है और बचा हुआ अनाज कथित तौर पर काले बाजार में बेचा जा रहा है।

पनहर पंचायत के निवासियों ने जिला पदाधिकारी नालंदा को एक शिकायत पत्र सौंपा है। जिसमें बताया गया है कि डीलर गीता कुमारी (दुकान नंबर 122990020657) द्वारा राशन वितरण में धांधली की जा रही है।

शिकायत के अनुसार 8 जुलाई 2025 को हुए राशन वितरण में डीलर ने उपभोक्ताओं से आधार कार्ड और अंगूठे का निशान लिया, लेकिन कई परिवारों को उनके हिस्से का पूरा अनाज नहीं दिया गया। उदाहरण के लिए 8 सदस्यों वाले परिवार को केवल 5 या 4 सदस्यों का अनाज दिया गया, और वजन में भी 3-4 किलोग्राम की कमी पाई गई।

शिकायत करने पर डीलर ने धमकी दी कि जहां जाना है जाओ, कोई कुछ नहीं करेगा। डीलर द्वारा रसीद भी नहीं दी जाती, जिससे अनियमितताओं का हिसाब रखना मुश्किल हो जाता है।

शिकायतकर्ताओं ने इस मामले को 10 जुलाई 2025 को इस्लामपुर के PDS अधिकारी (MO) पदीप कुमार के समक्ष उठाया और एक लिखित शिकायत भी दर्ज की। निवासियों का आरोप है कि MO ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। बार-बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

बताया जाता है कि पनहर पंचायत के कई परिवार PDS पर निर्भर हैं। वे इस धांधली से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गरीब और असहाय परिवारों के लिए राशन उनकी जीवनरेखा है और इस तरह की अनियमितताएं उनकी आजीविका पर सीधा हमला हैं। एक महिला ने कहा कि हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है। अगर राशन ही नहीं मिलेगा, तो हम क्या खाएंगे?

निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि डीलर गीता कुमारी और उनके पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने PDS प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है।

दरअसल यह मामला न केवल पनहर पंचायत, बल्कि पूरे इस्लामपुर प्रखंड क्षेत्र में PDS की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। क्या जिला प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा? क्या गरीबों का हक सुरक्षित किया जाएगा?

इस मामले को लेकर आपके सुधी पाठकों के क्या विचार हैं? क्या आपने अपने क्षेत्र में ऐसी अनियमितताएं देखी हैं? अपनी राय और अनुभव नालंदा दर्पण के साथ जरुर साझा करें।

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