Home प्रशासन बिहारशरीफ DRCC में भीषण आग से सर्वर रूम राख

बिहारशरीफ DRCC में भीषण आग से सर्वर रूम राख

Server room reduced to ashes due to massive fire in Biharsharif DRCC

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र यानि डीआरसीसी (DRCC) में बीती देर रात एक भीषण अग्निकांड ने भारी तबाही मचाई। शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग ने सर्वर रूम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये के उपकरण और महत्वपूर्ण अभिलेख जलकर राख हो गए। इस हादसे से न केवल डीआरसीसी का कामकाज प्रभावित हुआ है, बल्कि डेटा के नुकसान की आशंका ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

घटना रात करीब 1:30 बजे की है, जब डीआरसीसी के सर्वर रूम से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे रूम को अपनी चपेट में ले लिया। सर्वर रूम में लगे एयर कंडीशनर के सिलेंडर के फटने से तेज धमाका हुआ, जिसकी आवाज सुनकर ड्यूटी पर तैनात गार्ड हरकत में आए।

गार्ड ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी और स्थानीय कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की। लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग को तत्काल सूचित किया गया।

फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक सर्वर रूम में रखे महंगे उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर पूरी तरह नष्ट हो चुके थे।

डीआरसीसी की सहायक प्रबंधक रश्मि कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। सर्वर रूम में कई हाई-टेक उपकरण और सिस्टम मौजूद थे, जो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है, लेकिन प्रथम दृष्टया लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

उन्होंने यह भी बताया कि डेटा बैकअप की स्थिति का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम जांच कर रही है, क्योंकि डेटा का नुकसान होने से पंजीकरण और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर गहरा असर पड़ सकता है।

दीपनगर थाना प्रभारी शशि कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। अभी तक डीआरसीसी की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल की जांच शुरू कर दी गई है ताकि आग के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र नालंदा जिले में पंजीकरण और संबंधित दस्तावेजों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां संपत्ति पंजीकरण, विवाह पंजीकरण और अन्य प्रशासनिक कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और अभिलेख संरक्षित किए जाते हैं।

इस अग्निकांड से न केवल भौतिक उपकरणों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि डिजिटल और भौतिक अभिलेखों के नष्ट होने की आशंका ने भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डेटा का बैकअप सुरक्षित नहीं रहा तो पंजीकरण कार्यों में कई महीनों तक व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।

प्रशासन ने इस घटना के बाद तत्काल जांच शुरू कर दी है। डीआरसीसी नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश हो रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरणों और नियमित मेंटेनेंस पर ध्यान देने की बात कही जा रही है।

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