बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में धान की खरीद और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) आपूर्ति की प्रगति को लेकर जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की सहकारी समितियों द्वारा अब तक की गई सीएमआर आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि जिले की विभिन्न सहकारी समितियों ने अब तक 92.39% सीएमआर की आपूर्ति बिहार राज्य खाद्य निगम को कर दी है। हालांकि अभी भी 88 समितियों के पास लगभग 315.47 लॉट चावल बकाया है।
जिला पदाधिकारी ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी पैक्सों को 10 अगस्त तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय सीमा अंतिम है और भारत सरकार द्वारा इसमें कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ समितियाँ सीएमआर आपूर्ति में रुचि नहीं दिखा रही हैं। ऐसी समितियों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है।
जिला पदाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित तिथि तक शत-प्रतिशत आपूर्ति नहीं की गई, तो संबंधित पैक्सों के खिलाफ धान गबन के आरोप में विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नीलाम पत्रवाद भी दायर किया जाएगा।
बैठक में उन पैक्सों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिन्होंने अभी तक बहुत कम मात्रा में सीएमआर की आपूर्ति की है। कुछ प्रमुख बकायेदार समितियों में एक्सारा पैक्स: 29 लॉट, पचोला पैक्स: 27 लॉट, नीरपुर पैक्स: 13 लॉट, पोखरपुर पैक्स: 12.23 लॉट, चेरो पैक्स: 11.52 लॉट, खैरा पैक्स: 9.49 लॉट, सारे पैक्स: 7.38 लॉट, ओप पैक्स: 8.47 लॉट, केशोपुर पैक्स: 8, लॉट, बरदाहा पैक्स: 7.30 लॉट, सांध पैक्स: 6.62 लॉट शामिल हैं।
इन समितियों को अंतिम चेतावनी देते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुसार सीएमआर तैयार कर समय सीमा के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित करें। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
जिला पदाधिकारी ने सहकारिता विभाग के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दैनिक आधार पर सीएमआर आपूर्ति की प्रगति की समीक्षा करें। समितियों के अध्यक्षों, प्रबंधकों और मिलों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत आपूर्ति हो।
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को भी ससमय आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाली समितियों, मिलों या पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
