Home राजनीति भ्रष्टाचार और लंबित मांगों को लेकर शिक्षक संघ का जोरदार प्रदर्शन

भ्रष्टाचार और लंबित मांगों को लेकर शिक्षक संघ का जोरदार प्रदर्शन

Teachers' union's strong protest against corruption and pending demands
Teachers' union's strong protest against corruption and pending demands

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के अस्पताल चौराहे के पास परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ की प्रदेश इकाई के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षकों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर आयोजित किया गया। धरना स्थल पर शिक्षकों ने अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और समस्याओं के समाधान की मांग की।

धरना सभा की अध्यक्षता शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने की। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के सकारात्मक प्रयासों के बावजूद निदेशालय और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण शिक्षकों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बाद भी नियोजित शिक्षकों को दो दशकों से स्नातक ग्रेड में प्रमोशन नहीं मिला है। इससे शिक्षक परेशानी, हताशा और निराशा का सामना कर रहे हैं।

संघ के जिला महासचिव मो. इरफान मल्लिक और सचिव सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग के प्रखंड से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि डेटा ऑपरेटर और कुछ पदाधिकारियों के ड्राइवर रुपये वसूलने का मुख्य जरिया बने हुए हैं। डीईओ और डीपीओ कार्यालयों में दलाल दिन भर जमे रहते हैं। जब शिक्षक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय जाते हैं तो लिपिक उन्हें दलालों के पास भेज देते हैं। उन्होंने इस भ्रष्ट व्यवस्था को शिक्षकों के हितों के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।

संघ की उपाध्यक्ष सुनैना कुमारी ने शिक्षा व्यवस्था में समानता लाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छठी से आठवीं कक्षा तक एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें लागूर्ण करने का हम स्वागत करते हैं। लेकिन हम मांग करते हैं कि पहली से बारहवीं तक की सभी कक्षाओं में सरकारी और निजी स्कूलों के लिए एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की जाएं।

उन्होंने सरकारी और निजी स्कूलों के बीच भेदभाव खत्म करने के लिए सभी स्कूलों में समान ड्रेस कोड लागू करने की मांग भी की। इससे निजी स्कूलों में ड्रेस की दुकानदारी पर रोक लगेगी।

धरना समाप्त होने के बाद शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने जिला मैकरी से मुलाकात कर 28 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।

उनकी प्रमुख मांगों में नियमावली 2012 के अनुसार नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में पदोन्नति, नियोजित शिक्षकों को सेवा निरंतरता और पूर्ण वेतन संरक्षण, एचआरएमएस पोर्टल को तत्काल अपडेट करना और बकाया भुगतान, शनिवार को स्कूल संचालन का समय सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 तक करना, सेवा पूर्व प्रशिक्षित शिक्षकों की वेतन कमी को दूर करना, विद्यालयों में हुए घोटालों की सीबीआई जांच, अनुकंपा आश्रितों की नियुक्ति, सभी कोटि के शिक्षकों के लिए समान काम-समान वेतन शामिल हैं।

जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने स्पष्ट किया कि यह धरना केवल संकेतिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो शिक्षक चरणबद्ध आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सभी कोटि के शिक्षकों को एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए लड़ना होगा, तभी सरकार हमारी बात मानेगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!
Exit mobile version