Home आवागमन दाउदपुर-इनायतपुर सड़क की बदहाली: जनता परेशान, प्रशासन मौन

दाउदपुर-इनायतपुर सड़क की बदहाली: जनता परेशान, प्रशासन मौन

The condition of Daudpur-Inayatpur road: People are troubled, administration is silent
The condition of Daudpur-Inayatpur road: People are troubled, administration is silent

बेन (नालंदा दर्पण) बेन प्रखंड क्षेत्र के दाउदपुर से इनायतपुर को जोड़ने वाली सड़क की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2016 में निर्मित इस सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं, जिससे राहगीरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बिखरी गिट्टियों के कारण न केवल पैदल यात्रियों के पांव छिल रहे हैं, बल्कि साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों के लिए भी यह जानलेवा साबित हो रही है।

बता दें कि  चार महीने पहले संवेदक द्वारा सड़क को उखाड़कर छोड़ दिया गया, लेकिन अब तक पिचिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस कारण सड़क पर बिखरी गिट्टियां हादसों का सबब बन रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से इनायतपुर, विजयनगर होते हुए राजगीर-छबिलापुर मुख्य मार्ग तक पहुंचा जाता है, जो प्रखंड और अनुमंडल कार्यालय तक जाने का प्रमुख रास्ता है। लेकिन सड़क की जर्जर हालत ने आवागमन को दुरूह बना दिया है।

सड़क की बदहाली से प्रभावित लोगों ने अपनी व्यथा साझा की। विजय यादव और भोला यादव ने कहा कि सड़क पर बिखरी गिट्टियों के कारण साइकिल और बाइक चलाना मुश्किल हो गया है। गिट्टी डालकर सड़क को छोड़ दिया गया, लेकिन पिचिंग नहीं हुई। सड़क का पूर्ण निर्माण जल्द होना चाहिए।

मोहम्मद मिन्हाज आलम ने बताया कि इस मार्ग से कई गांव जुड़े हैं और छात्र-छात्राएं भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं। गिट्टियों के कारण उन्हें भारी परेशानी हो रही है। सड़क को तत्काल पिच कराया जाए।”

जामुन मांझी और अर्जुन मांझी  की शिकायत है कि बड़ी-बड़ी गिट्टियों के कारण साइकिल और बाइक के टायर बार-बार खराब हो रहे हैं। सड़क बन जाती तो लोगों को राहत मिलती।

मोहम्मद आबिद हुसैन ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि शासन सड़कों के निर्माण को लेकर गंभीर है, लेकिन संवेदकों की लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता के कारण ग्रामीण सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही।

उपेंद्र यादव और बलवीर यादव ने चेतावनी दी कि गिट्टियां बिखरी होने से बाइक और साइकिल सवार आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं। सड़क का निर्माण जल्द नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है।

बहरहाल, सरकार की गड्ढामुक्त सड़कों के दावों के बावजूद इस सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। संवेदक द्वारा सड़क को अधूरा छोड़ने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायतों को बार-बार अनसुना किया जा रहा है।

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