
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के सुरक्षित और सुगम परिवहन (luxury) को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक अणे मार्ग पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्होंने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की 80 नई पिंक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निगम की सभी 1065 बसों में ई-टिकटिंग सुविधा का भी शुभारंभ किया, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा होगी। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बसों का निरीक्षण किया और उनमें उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली।
महिलाओं के लिए विशेष रूप से शुरू की गई इन पिंक बसों का उद्देश्य उनके सफर को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाना है। यह राज्य सरकार की महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक और ठोस पहल है। पहले चरण में 16 मई 2025 को 20 पिंक बसों का परिचालन शुरू किया गया था और अब दूसरे चरण में 80 नई बसों के शामिल होने से पूरे बिहार में पिंक बसों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है।
पटना में पहले से संचालित 8 पिंक बसों के साथ अब 22 और बसें जोड़ी गई हैं, जिससे राजधानी में कुल 30 पिंक बसें उपलब्ध हो गई हैं। इन बसों में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
नई पिंक बसों को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से युक्त किया गया है ताकि महिलाएं बेझिझक और आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर सकें। जिनमें बसों की रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग के लिए जीपीएस ट्रैकिंग, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, लंबी दूरी की यात्रा के लिए सुविधाजनक सीटें, डिजिटल टिकटिंग सुविधा से समय की बचत और पारदर्शिता शामिल हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार नई 80 पिंक बसों का वितरण बिहार के विभिन्न जिलों में किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को समान रूप से लाभ मिल सके।
भागलपुर और पूर्णिया दोनों जिलों को 8-8 नई बसें आवंटित की गई हैं। अब इन जिलों में पिंक बसों की संख्या 10-10 हो गई है। गया और दरभंगा दोनों जिलों को 13-13 बसें दी गई हैं, जिसके बाद अब इन जिलों में 15-15 पिंक बसें उपलब्ध हैं। वहीं मुजफ्फरपुर जिले के लिए 16 नई बसें जोड़ी गई हैं, जिससे यहां कुल पिंक बसों की संख्या 20 हो गई है।
पिंक बसों का यह विस्तार न केवल परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और अन्य अवसरों तक पहुंचने में भी मदद करेगा। यह पहल बिहार में लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। पिंक बसें न केवल उनके सफर को आसान बनाएंगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में भी मदद करेंगी।
परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में और अधिक पिंक बसों को शामिल करने की योजना है ताकि बिहार के हर कोने में महिलाओं को सुरक्षित परिवहन की सुविधा मिल सके। इसके अलावा ई-टिकटिंग और अन्य डिजिटल सुविधाओं को और विस्तार देने की भी योजना है, जिससे परिवहन सेवाएं और अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बन सकें।





