गाँव-जवारनालंदाबिग ब्रेकिंगहिलसा

करायपरसुरायः पंचायत सरकार भवन बनाने की कवायद और जमीनी हकीकत

पंचायत सरकार भवन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। लेकिन इसे समय पर लागू करना और पंचायत कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है

करायपरसुराय (नालंदा दर्पण)। पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा हर पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है। यह योजना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। लेकिन जमीनी स्तर पर इस योजना को पूरी तरह लागू होने में अभी समय लगेगा।

करायपरसुराय प्रखंड के सात पंचायतों में से सिर्फ करायपरसुराय पंचायत में ही पंचायत सरकार भवन पूरी तरह बनकर तैयार है और सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। अन्य पंचायतों में स्थिति कुछ इस प्रकार है।

बेरथु पंचायत: भवन बनकर तैयार है। लेकिन रंग-रोगन और वायरिंग का काम अभी बाकी है।

गोन्दु बिगहा पंचायत: निरिया तुलसीपुर गांव में भवन निर्माण कार्य चल रहा है और दूसरी मंजिल का निर्माण हो रहा है।

मकरौता पंचायत: पीलिंथ तक का काम पूरा हुआ है। लेकिन निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है।

सांध और मखदुमपुर पंचायत: भवन के लिए जमीन का चयन कर प्रस्ताव जिला को भेज दिया गया है।

डियावां पंचायत: भवन के लिए जमीन चयन हो चुका है। लेकिन रास्ते की समस्या के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) का कहना है कि निर्माणाधीन भवनों का कार्य तेज गति से चल रहा है और जल्द ही सभी पंचायतों में भवन बनकर तैयार हो जाएंगे। हालांकि वर्तमान स्थिति में पंचायत कर्मियों को अपने-अपने पंचायत भवनों में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। लेकिन यह प्रभावी नहीं हो पा रहा है। लोग अभी भी छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

वहीं पंचायत सरकार भवन के पूरी तरह से चालू होने के बाद ग्रामीणों को एक ही छत के कई महत्वपूर्ण सेवाएं मिलेंगी। जिनमें प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, भूमि संबंधित दाखिल-खारिज लगान रसीद, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, जन्म , मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाएं, पंचायत स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा आदि शामिल हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि यह योजना उनके समय और पैसे की बचत करेगी। प्रखंड कार्यालय जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी और पंचायत स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। हालांकि निर्माण कार्य में देरी और पंचायत कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी भी है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Bihar Sharif covered with red flags regarding Deepnagar garbage dumping yard in nalanda ई BPSC टीचर बच्चों के बीच क्या मिमिया रहा है KK पाठक साहब? ई BPSC टीचर की गुंडई देख लीजिए KK पाठक साहब ! जानें भागवान महावीर के अनमोल विचार