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बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल का CS के औचक निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियां 

निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने इलाज की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने सुविधाओं की कमी की शिकायत की, जैसे- समय पर दवा न मिलना और वार्डों में सफाई की कमी...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण संवाददाता)। बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें स्वास्थ्य व्यवस्था की कई गंभीर खामियां सामने आईं। लगभग आधे घंटे तक चले इस निरीक्षण में उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों और वार्डों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की अनुपस्थिति, प्रसव वार्ड में गंदगी, और दवा वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं का पर्दाफाश हुआ। इस निरीक्षण ने अस्पताल की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 

निरीक्षण की शुरुआत आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) से हुई, जहां सिविल सर्जन को कई डॉक्टर अनुपस्थित मिले। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही कुछ डॉक्टर मौके पर पहुंचे। लेकिन उनकी इस लापरवाही पर डॉ. सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहें। ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान प्रसव वार्ड की स्थिति बेहद खराब पाई गई। वार्ड में गंदगी और अव्यवस्था देखकर सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य से संबंधित विभागों में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यह लापरवाही अस्वीकार्य है। प्रसव वार्ड की इस स्थिति ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, क्योंकि यह वह विभाग है, जहां स्वच्छता और देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

अस्पताल में दवा वितरण की व्यवस्था भी निरीक्षण में फेल साबित हुई। वर्तमान में केवल दो दवा काउंटर होने के कारण मरीजों को दवाइयां लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। बढ़ती मरीज संख्या के लिहाज से यह व्यवस्था पूरी तरह अपर्याप्त पाई गई। सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि दवा काउंटरों की संख्या शीघ्र बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को समय पर दवाइयां मिल सकें।

निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने इलाज की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने सुविधाओं की कमी की शिकायत की, जैसे- समय पर दवा न मिलना और वार्डों में सफाई की कमी। इन शिकायतों पर सिविल सर्जन ने त्वरित सुधार का आश्वासन दिया और कहा कि अस्पताल में मरीजों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है।

निरीक्षण के अंत में डॉ. सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पताल में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों को ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाने की हिदायत दी और चेतावनी दी कि अगले निरीक्षण में यदि कोई कमी पाई गई, तो संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल के उपाधीक्षक, अकाउंटेंट, मैनेजर, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। सिविल सर्जन ने सभी को अस्पताल की छवि सुधारने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करने को कहा।

मुकेश भारतीय

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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