Constitution Security Conference: अब 6 जून को पहली बार राजगीर पहुंचेंगे राहुल गांधी
राजगीर की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति को देखते हुए यह सम्मेलन सीधे-सीधे मगध क्षेत्र के मतदाताओं को संबोधित करेगा, जो बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जाता रहा है। ऐसे में राहुल गांधी की यहां उपस्थिति और उनके संबोधन से आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं...
राजगीर (नालंदा दर्पण)। इतिहास, धर्म और संस्कृति की त्रिवेणी स्थल राजगीर आगामी 6 जून को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। यहां के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में संविधान सुरक्षा सम्मेलन (Constitution Security Conference) आयोजित किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहली बार राजगीर की धरती पर कदम रखेंगे। इस सम्मेलन को आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र एक रणनीतिक राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
बता दें कि राजगीर न केवल महात्मा बुद्ध और तीर्थंकर महावीर की तपोभूमि रहा है, बल्कि यह प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी के रूप में भी ऐतिहासिक महत्ता रखता है। ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थल पर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु सम्मेलन आयोजित करना अपने-आप में एक सशक्त संदेश देता है।
आयोजकों में शामिल संजीव कुमार बिट्ट ने जानकारी दी कि यह सम्मेलन संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनः स्थापना और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। वर्तमान समय में जब विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि संविधानिक संस्थाएं खतरे में हैं, तब यह सम्मेलन एक राजनीतिक धुरी बन सकता है।
इस सम्मेलन में राहुल गांधी के साथ-साथ कई राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर के नेता भी शामिल होंगे। यह न केवल कांग्रेस बल्कि महागठबंधन के लिए एकता प्रदर्शन का भी बड़ा मंच साबित हो सकता है।
क्योंकि यह पहला अवसर होगा, जब राहुल गांधी राजगीर पहुंचेंगे, इसलिए यह राजनीतिक रूप से प्रतीकात्मक भी है। सम्मेलन की पृष्ठभूमि में जहां संविधान को लेकर राष्ट्रव्यापी विमर्श चल रहा है, वहीं राजगीर से इसकी शुरुआत करना यह दर्शाता है कि कांग्रेस और सहयोगी दल राजनीति के साथ-साथ जनभावनाओं को भी साधना चाहते हैं।





