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शिक्षकों से दुर्व्यवहार और फर्जी भुगतान का आरोप, जिला शिक्षा पदाधिकारी का पुतला फूंका

‘सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड खंगालिए’- जिला शिक्षा पदाधिकारी पर गंभीर आरोपों के साथ सड़कों पर उतरी आरसीपी।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) आनंद विजय के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (RCP) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और जिला अध्यक्ष राजकुमार पासवान के नेतृत्व में शहर के प्रमुख चौराहे पर पुतला दहन कर आक्रोश जताया तथा उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान आरसीपी कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी पर शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने, संस्कृत विद्यालयों में अवैध वेतन निकासी तथा नियुक्तियों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। नारेबाजी के बीच माहौल काफी तनावपूर्ण रहा, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।

पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजकुमार पासवान ने कहा कि जब से आनंद विजय ने नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी के रूप में पदभार संभाला है, तब से शिक्षा विभाग विवादों में घिरा हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के प्रति उनका व्यवहार अमर्यादित है। पासवान ने मांग की कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज और कथित वॉइस रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आनंद विजय पर पूर्व में भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। भागलपुर में पदस्थापन के दौरान उन पर सबौर-गोराडीह थाना कांड संख्या 34/24 दर्ज होने का दावा करते हुए पासवान ने कहा कि ऐसे अधिकारी को नालंदा जैसे संवेदनशील जिले में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

आरसीपी नेताओं का आरोप है कि वर्ष 2024 में एक संस्कृत विद्यालय में 28 शिक्षकों की बहाली जिला शिक्षा पदाधिकारी की मिलीभगत से की गई, जिनमें से 10 शिक्षकों को फर्जी तरीके से वेतन का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

प्रदर्शन के दौरान यह आरोप भी लगाया गया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के प्रत्येक शनिवार को भागलपुर अपने परिवार के पास जाते हैं और सरकारी राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। साथ ही सरकारी और निजी मोबाइल नंबरों के सीडीआर की जांच कराने तथा कार्यालय के सरकारी सोफा और रूम हीटर को निजी आवास पर ले जाने के आरोपों की भी जांच की मांग की गई।

आरसीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जिला शिक्षा पदाधिकारी के विरुद्ध निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।

समाचार स्रोत: नालंदा दर्पण डेस्क / तालिब

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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