चुनावी साल में आयोगों की बहार: महिला, अति पिछड़ा, खाद्य, बाल श्रमिक और मदरसा बोर्ड का गठन
यह गठनों का दौर केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक पैंतरेबाज़ी का भी प्रतीक है। आगामी महीनों में यह देखना रोचक होगा कि इन आयोगों का वास्तविक कामकाज जनहित में कितना प्रभावी सिद्ध होता है...
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राज्य सरकार ने एक साथ कई आयोग और बोर्ड का गठन कर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य महिला आयोग, अति पिछड़ा आयोग, खाद्य आयोग, बाल श्रमिक आयोग और मदरसा शिक्षा बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया है। खास बात यह है कि इन सभी निकायों में एनडीए खेमे से जुड़ी शख्सियतों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया गया है।
राज्य सरकार ने अति पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए अति पिछड़ा आयोग का पुनर्गठन किया है। जदयू नेता नवीन कुमार आर्य को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि केदारनाथ भंडारी (मधुबनी) और अमित कुमार (गया) को सदस्य नियुक्त किया गया है। आयोग का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा और इसमें अधिकतम चार सदस्य हो सकते हैं।
13 महीने बाद महिला आयोग को मिला नया नेतृत्वः राज्य महिला आयोग, जो पिछले 13 महीने से भंग था, अब नयी अध्यक्ष अप्सरा के नेतृत्व में कार्य करेगा। दस सदस्यीय आयोग में सात नये चेहरों को जगह दी गई है- शीला टुड्ड (बांका), रजिया कामिल अंसारी (रोहतास), पिंकी कुमारी (लखीसराय), सजल झा (पटना), श्यामा सिंह (गया) और रश्मि रेखा सिन्हा (पटना) जैसी सक्रिय महिलाएं अब राज्य महिला आयोग की आवाज़ बनेंगी।
इनके साथ गृह विभाग व समाज कल्याण विभाग से एक-एक पदेन सदस्य तथा महिला एवं बाल विकास निगम की एमडी सचिव पद पर रहेंगी। कार्यकाल तीन वर्षों या 65 वर्ष की उम्र तक रहेगा।
खाद्य सुरक्षा के लिए नया आयोग, प्रह्लाद सरकार बने अध्यक्षः खाद्य सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रह्लाद कुमार सरकार को खाद्य आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चार सदस्य भी बनाये गए हैं- रिंकी रानी पांडेय, मनोज कुमार, अंगद कुमार कुशवाहा और नरेंद्र कुमार ऋषि। यह आयोग राशन प्रणाली और खाद्य आपूर्ति की निगरानी करेगा।
मदरसा शिक्षा बोर्ड में नये चेहरों की आमदः धार्मिक शिक्षा की बेहतरी के लिए गठित मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर विधान परिषद के पूर्व उपसभापति सलीम परवेज को बिठाया गया है। छह अन्य सदस्य नियुक्त किए गए हैं- खालिद अनवर (MLC), शब्बीर अहमद (मुजफ्फरपुर), अब्दुल क्यूम (मधुबनी), खुर्शीद अनवर (मुजफ्फरपुर), इजहार अशरफ (समस्तीपुर) और मोहम्मद निजामुद्दीन अंसारी (सीवान)। बोर्ड में सुन्नी वक्फ और शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य पदेन सदस्य भी शामिल होंगे।
बाल श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा नया आयोगः राज्य सरकार ने बाल श्रमिकों की स्थिति में सुधार के लिए बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग का गठन किया है। अशोक कुमार को अध्यक्ष और भाजपा नेता अरविंद कुमार सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
साथ ही विधायक श्रेयसी सिंह, रामविलास कामत, विजय कुमार, एमएलसी अनिल कुमार, रवींद्र प्रसाद सिंह, सुनील कुमार और शौकत अली को सदस्य बनाया गया है। पटना में इसका मुख्यालय होगा और कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।
इन नियुक्तियों से यह साफ हो रहा है कि सरकार ने चुनावी सामाजिक संतुलन साधते हुए महिला, अल्पसंख्यक, अति पिछड़ा और श्रमिक वर्ग के प्रतिनिधित्व को महत्व दिया है। साथ ही इन आयोगों में एनडीए से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की बहुलता यह भी दर्शाती है कि चुनावी रणनीति के तहत संगठन को मैदान में उतार दिया गया है।





