मंदिर निर्माण विवाद में हत्या: लोजपा प्रत्याशी समेत 6 दोषी को उम्रकैद

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मंदिर निर्माण विवाद को लेकर हुए वर्ष 2021 में प्रवीण कृष्ण की जान ले ली थी। इस मामले में बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों में अस्थावां विधानसभा से लोजपा के पूर्व प्रत्याशी छोटे लाल यादव भी शामिल हैं। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों छोटे लाल यादव, भूषण यादव, लाला यादव, विरमानी यादव, पप्पू कुमार और मनोज कुमार को हत्या का दोषी पाया। सभी दोषी बिहार थाना क्षेत्र के झिंगनगर गाँव के निवासी हैं।

उम्रकैद के साथ-साथ कोर्ट ने हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत पांच वर्ष और दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी दी। इसके अतिरिक्त 5 हजार और 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने की स्थिति में दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।

सरकारी अभियोजक (एपीपी) एसएम असलम ने बताया कि कोर्ट ने आठ गवाहों के बयानों के आधार पर यह फैसला सुनाया। गवाहों में मृतक के परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग शामिल थे, जिन्होंने घटना का विवरण प्रस्तुत किया।

यह मामला 20 अगस्त 2021 का है। झिंगनगर गाँव में मंदिर निर्माण को लेकर तनाव चरम पर पहुँच गया। मृतक प्रवीण कृष्ण तीन भाइयों में से एक थे और अपने परिवार के साथ बाहर नौकरी करते थे। उनकी निजी जमीन पर कुछ स्थानीय लोगों ने बिना अनुमति मंदिर निर्माण शुरू कर दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर प्रवीण और उनके भाई गाँव लौटे और निर्माण कार्य रुकवाया।

20 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे जब गाँव में जेसीबी मशीन निर्माण के लिए पहुँची तो छोटे लाल यादव सहित छह आरोपित 15-20 अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रवीण कृष्ण पर हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्रवीण के भाइयों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी पीटा। इलाज के लिए बिहारशरीफ ले जाते समय रास्ते में प्रवीण ने दम तोड़ दिया।

यह घटना नालंदा जिले में जमीन विवादों की गंभीरता को उजागर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर निजी संपत्ति को लेकर तनाव देखा जाता है, जो कई बार हिंसक रूप ले लेता है। इस मामले में कोर्ट के फैसले से मृतक के परिवार को कुछ हद तक न्याय मिला है, लेकिन यह सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और समाज क्या कदम उठा सकता है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के विवादों को सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर मध्यस्थता और जागरूकता की जरूरत है। प्रवीण कृष्ण की हत्या ने पूरे झिंगनगर गाँव को झकझोर कर रख दिया था और अब कोर्ट का यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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