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पंचाने नदी तट पर मिली प्राचीन सूर्य प्रतिमा, सात घोड़ों की आकृति से बढ़ी ऐतिहासिक जिज्ञासा

पंचाने नदी तट पर मिली सात घोड़ों वाली सूर्य प्रतिमा, ग्रामीणों में आस्था का उफान; संरक्षण और पुरातात्विक जांच की उठी मांग

नालंदा दर्पण डेस्क। राजगीर नगर के समीप पावाडीह गांव स्थित पंचाने नदी तट पर भगवान सूर्य की अति प्राचीन प्रतिमा मिलने से पूरे क्षेत्र में उत्साह और आस्था का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रतिमा सूर्यपीठ बड़गांव सूर्य मंदिर में स्थापित सूर्य प्रतिमा से काफी हद तक मिलती-जुलती प्रतीत होती है, जिससे इसकी ऐतिहासिक महत्ता को लेकर जिज्ञासा और बढ़ गई है।

प्रतिमा के आधार भाग में सात घोड़ों की सजीव आकृति उकेरी गई है, जो भगवान सूर्य के रथ का प्रतीक मानी जाती है। भारतीय परंपरा में सूर्यदेव के रथ को सात घोड़ों द्वारा संचालित बताया गया है, जो सात दिनों और सात रंगों का भी द्योतक है।

प्रतिमा की वास्तविक प्राचीनता के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, किंतु स्थानीय लोगों का मानना है कि यह स्थल अत्यंत प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।

हर रविवार उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़ः ग्रामीणों के अनुसार आसपास के दर्जनों गांवों के किसान प्रत्येक रविवार यहां दूध चढ़ाने और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। परंपरा यह है कि जब किसी के घर गाय या भैंस बच्चा देती है, तो उसके दूध और घी को पहले भगवान सूर्य को अर्पित किया जाता है, उसके बाद ही परिवार के सदस्य उसका सेवन करते हैं।

राजगीर के अलावा सिलाव, गिरियक और पावापुरी सहित अन्य क्षेत्रों से भी श्रद्धालु नियमित रूप से यहां पूजा करने पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छठ पर्व के अवसर पर पंचाने नदी में अर्घ्य देने के बाद व्रती इस सूर्य स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और तभी अपने घर लौटते हैं।

151 सीढ़ियां जमींदोज, संरक्षण की मांग तेजः स्थानीय लोगों ने बताया कि मंदिर से नदी तक जाने के लिए पूर्व में 151 सीढ़ियां बनी हुई थीं, जो समय के साथ जमींदोज हो चुकी हैं। स्थल के समीप एक अत्यंत प्राचीन शिवलिंग भी स्थापित है। शिवलिंग और सूर्य प्रतिमा के समक्ष अलग-अलग हवन कुंड निर्मित हैं, जिनमें पत्थर और लोहे का उपयोग किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार सूर्य स्थल के नाम पर 22 डिसमिल जमीन दर्ज है, जिसका खेसरा संख्या 103, खाता संख्या 160 तथा अराजी 22 डिसमिल बताया गया है। अब क्षेत्रवासी प्रशासन से इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पुरातात्विक जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि इसकी वास्तविक प्राचीनता सामने आ सके और यह स्थल पर्यटन के नक्शे पर भी अपनी पहचान बना सके।rajgir pawadih panchane river ancient surya idol found

समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय/मीडिया रिपोर्ट्स्

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